चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय | Chandrashekhar Azad Ravan Biography in Hindi

हमारे संविधान के अनुसार सभी वर्ग जाति के लोगो को सामान अधिकार प्राप्त है। लेकिन इसके बाद भी किसी-किसी क्षेत्र में दलित वर्ग के लोगो को दबाया जाता है। जिनकी आवाज बनकर चंद्रशेखर आजाद रावण सामने आये। ये एक ऐसे राजनैतिक नेता है को खुद को समाज कार्यकर्ता कहते है और साथ ही कहते है ... Read more

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Reported by Rohit Kumar

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हमारे संविधान के अनुसार सभी वर्ग जाति के लोगो को सामान अधिकार प्राप्त है। लेकिन इसके बाद भी किसी-किसी क्षेत्र में दलित वर्ग के लोगो को दबाया जाता है। जिनकी आवाज बनकर चंद्रशेखर आजाद रावण सामने आये।

ये एक ऐसे राजनैतिक नेता है को खुद को समाज कार्यकर्ता कहते है और साथ ही कहते है कि ये केवल निचले तबके के नागरिको के हक़ के लिए खड़े होना चाहते है। इनको TIME पत्रिका ने ऐसे 100 उभरते नेताओ के सूची में भी शामिल किया गया है जो भविष्य को आकार दे रहे है। दलित्त वर्ग के साथ अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भी इनका समर्थन करते है।

तो चलिए जानते है चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय। | Chandrashekhar Azad Ravan Biography in Hindi. लेख विषय में अधिक जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़े :-

चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय। | Chandrashekhar Azad Ravan Biography in Hindi
Chandrashekhar Azad Ravan Biography in Hindi

चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय

21वी सदी के चंद्रशेखर आजाद आज एक ऐसी जानी मानी शख्सियत है जो दलितों के अधिकारों की आवाज बनकर उभरे है। इन्होने डी.ए.वी. कॉलेज से स्नातक की हुई था। साथ ही प्रोफेशन से ये एक वकील है लेकिन दलितों के हितो के लिए ये सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते है।

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भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर ने 15 मार्च 2020 में काशीराम की जयंती के अवसर पर स्वयं की राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर दी। घोषणा करते समय उन्होंने अपना पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (ASP) रखा।

उन्होंने कहा कि ये एक बहुजन संगठन है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भेदभाव, ऊँच-नीच, छुआछूत जैसी नकारात्मक भावनाओ को देश से जड़ से खत्म करना और शिक्षा के माध्यम से बहुजन मुक्ति के लिए उचित कार्य करना है। यहाँ आपको Chandrashekhar Azad Ravan के बार में विस्तृत रूप से बताया जा रहा है।

Chandrashekhar Azad Ravan Biography in Hindi Overview

पूरा नामचंद्रशेखर आजाद
उपनामरावण
जन्म3 दिसंबर 1986
संगठनभीम आर्मी
राजनैतिक दलआजाद समाज पार्टी
पेशादलित कार्यकर्ता, राजनेता, रानीतिज्ञ
हाइट175 सेंटीमीटर
आँखो का रंगकाला
बालो का रंगकाला
शैक्षिक योग्यतालॉ ग्रेजुएशन

प्रारंभिक जीवन

चंद्रशेखर को चंद्रशेखर आजाद रावण के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म उत्तरप्रदेश के सहरानपुर जिले के छुटमलपुर कस्बे में 3 दिसंबर 1986 में हुआ था।

इनके पिता जी नाम गोवर्धनदास था जो एक सरकारी स्कूल के सेवानिर्वत्त प्रिंसिपल थे तथा माता जी का नाम कमलेश देवी है। उनके दो भाई भारत सिंह और कमल किशोर है। चनद्रशेखर आजाद एक भारतीय राजनीतिज्ञ, वकील एवं दलित कार्यकर्ता है। इनकी पत्नी का नाम वंदना कुमारी है और इनके बेटे का नाम युग है।

वर्तमान समय में इनके परिवार में इनके बड़े भाई (भरत सिंह) उन की पत्नी और उनका एक बेटा (आरव सिंह रावण), छोटा भाई (कमल), माता, पत्नी, और एक बेटा (युग) है।

भीम आर्मी

Chandrashekhar Azad Ravan भीम आर्मी के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में जाने जाते है। भीम आर्मी का पूरा नाम भारत एकता मिशन भीम आर्मी है, जिसकी स्थापना 2015 में उन्होने विनय रतन सिंह और सतीश कुमार के साथ मिलकर की थी।

शुरुआत में इस आर्मी का उद्देश्य दलित समाज की सेवा करना को धन एकत्रित करके गरीब कन्याओ का विवाह कराना था। लेकिन रामनगर में हुए बवाल के बाद इस संगठन का स्वरुप बदला और इसने दलितों के हक़ के लिए आवाज उठानी शुरू कर दी।

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बाबा भीमराव आंबेडकर जी ने दलित समाज को भारत की मुख्य धारा में लाने का काम किया था। आज समाज का दलित वर्ग खुद को दलित कहने में फक्र महसूस करता है। दलित के अधिकारों की रक्षा के लिए एक उभरते कार्यकर्ता चंद्रशेखर आजाद उर्फ़ रावण ने युवाओ की एक सेना खड़ी की है।

सहारनपुर के घड़कौली गॉंव के प्रवेश करते ही आपको गॉंव के प्रवेश बोर्ड पर “द ग्रेट चमार डॉ भीमराव अम्बेडकर ग्राम घड़कौली आपका स्वागत करता है ” लिखा हुआ दिखेगा। जो दर्शाता है कि उनको अपनी जाति पर फक्र है न की कोई शर्मिंदगी।

दलितों के लिए जाति सूचक शब्द का उपयोग करना अपराध है। भारत दंड सहिंता के अनुसार इस शब्द का उपयोग करने पर सजा का प्रावधान है। लेकिन घड़कौली गॉंव के लोगो के इस शब्द से कोई ऐतराज है।

आजाद समाज पार्टी

आजाद समाज पार्टी एक भारतीय राजनीतिक दल है जिसके 15 मार्च 2020 को चंद्रशेखर आजाद रावण द्वारा स्थापित किया गया था। यह घोषणा बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक काशीराम की 86वी जयंती पर की गयी थी।

2020 में आजाद समाज पार्टीने बिहार विधानसभा चुनाव में पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जान अधिकार पार्टी के साथ 2020 में गठबंधन किया था। आजाद ने योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध गोरखपुर शहरी सीट पर 2022 उत्तरप्रदेश विधान सभा चुनाव भी लड़ा था जिसमे वे हार गए थे और 7543 वोटो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।

28 जून 2023 को किया गया जानलेवा हमला

जब 28 जून को Chandrashekhar Azad Ravan दिल्ली से वापस आ थे तो तभी एक गाडी उनकी गाडी का पीछा कर रही थी। चंद्रशेखर जी जब कार में बैठे हुए अपने फ़ोन को देख रहे थे तो तभी एक गोली चली जो उनकी कार के शीशे पर लगी जिसके बाद हमलावरों ने दूसरी गोली भी चलाई जो रावण जी को लग भी गयी थी।

जिसके बाद हमलावरों ने थोड़ी दूरी पर अपनी कार को ले जा कर रोका और उसमे से एक लड़का उतरा और एक गोली फिर से चलायी। फिर तभी मनीष जो चंद्रशेखर जी के साथी उन्होंने उसी समय जल्दी से गाडी को मोड़ा और एक सुरक्षित गॉंव में ले जा कर रोका । जिसके बाद उनको हॉस्पिटल ले जाया गया। उनका तुरंत इलाज शुरू करवाया गया।

1 जुलाई को सहारनपुर पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार भी कर लिया। जिसमे 4 लड़के शामिल है उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार करते हुए कहा की पिछले कुछ दिनों में चंद्रशेखर द्वार दिए जा रहे बयान उलटे सीधे थे जिससे वे बिलकुल भी संतुष्ट नहीं थे और साथ ही कहा कि वे बड़े गैंगस्टर बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने चंद्रशेखर की हत्या का प्लान बनाया था।

ताकि वे मीडिया में सुर्खिया बटोर सके फिर बड़े बदमाशों की तरह वे भी पैसे वालो से वसूली कर सके। चारो अपराधियों के नाम विक्की, लविश, प्रशांत और विक्की है।

क्या है शब्बीरपुर का किस्सा

2017 को सहारनपुर से 25 किलोमीटर दूर स्थित शब्बीरपुर गॉंव में राजपूतो और दलितों के मध्य हिंसा हुई थी। हिंसा में दलितों के लगभग 25 घर जला दिया गैर थे एक एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गयी थी।

इस हिंसा के विरोध में जब प्रदर्शन किया गया तो पुलिस ने 37 लोगो को जेल में डाला और 300 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस पुरे मामले के बाद भीम आर्मी में दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।

विवाद

  • Chandrashekhar Azad Ravan को सहारनपुर हिंसा घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।
  • दिल्ली पुलिस ने किसी को भी जमा मस्जिद से जंतर मंतर तक सीएए के खिलाफ विरोध मार्च की अनुमति नहीं दी थी। जिसके बाद भी इन्होने विरोध प्रदर्शन किया था जिसके लिए चंद्रशेखर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और काफी दिनों तक हिरासत में रखा गया।
  • दो सीएए (citizen amendment act) विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए इन्हे हैदराबद में दोबारा से गिरफ्तार किया गया था।
  • हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले के विरोध में इन्हे 2020 में 500 अन्य भीम आर्मी सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इन सभी को IPC की धारा 144 का उल्लंघन करने के लिए और महामारी रोग अधिनियम की के धारयो के तहत गिरफ्तार किया गया था।
  • जब में अपने समर्थको के साथ दिल्ली-गाजीपुर सीमा पर प्रदर्शन कर रहे तब ये किसानो के साथ शामिल हुए ओट कृषि कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की जिसके बाद इन्हे गिरफ्तार किया गया।
  • यदि आप भी भीम आर्मी के साथ जुड़ना चाहते है तो भीम आर्मी की वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते है।

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चंद्रशेखर आजाद का जीवन परिचय से सम्बंधित कुछ प्रश्न उत्तर

चंद्रशेखर आज़ाद रावण कौन है ?

Chandrashekhar Azad Ravan को दलित समुदाय के नेता के रूप में जाना जाता है।

TIME पत्रिका ने चंद्रशेखर को 100 उभरते नेताओ की सूची में कब शामिल किया था ?

TIME पत्रिका ने चंद्रशेखर को 100 उभरते नेताओ की सूची में 17 फरवरी 2021 में शामिल किया था।

Chandrashekhar Azad Ravan की शादी कब हुई थी ?

Chandrashekhar Azad Ravan की शादी 21 अप्रैल को हुई थी ?

चंद्रशेखर आज़ाद रावण के बेटे का नाम क्या है ?

चंद्रशेखर आज़ाद रावण के बेटे का नाम युग है।

रावण की गाडी पर हमला कब किया गया था ?

रावण की गाडी पर जानलेवा अटैक 28 जून 2023 में किया गया था।

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