RTI क्या है और कैसे लगाते हैं? सूचना का अधिकार अधिनियम- RTI Application Format

सूचना का अधिकार : देश के नागरिकों के हित को देखते हुए उन्हें बहुत से अधिकार दिए हैं। जिन में से एक है – सूचना का अधिकार अधिनियम जिसे लोग संक्षेप में आरटीआई (RTI) के नाम से भी जानते हैं। आपने इस अधिकार का उपयोग करके कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से आवश्यकतानुसार ... Read more

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Reported by Rohit Kumar

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सूचना का अधिकार : देश के नागरिकों के हित को देखते हुए उन्हें बहुत से अधिकार दिए हैं। जिन में से एक है – सूचना का अधिकार अधिनियम जिसे लोग संक्षेप में आरटीआई (RTI) के नाम से भी जानते हैं। आपने इस अधिकार का उपयोग करके कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से आवश्यकतानुसार संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। आज इस लेख में हम आप को Right to Information से जुडी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां देंगे। जैसे कि आप आरटीआई कैसे दाखिल करें? RTI Application Format क्या है ?

सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) क्या है ?

देश के नागरिकों को मिले सूचना के अधिकार को अंग्रेजी में RTI कहते हैं। RTI का फुल फॉर्म होता है – Right to Information. 15 जून 2005 को इसे अधिनियमित किया गया था जबकि 12 अक्तूबर 2005 को इसे पूर्णतया सम्पूर्ण धाराओं के साथ लागू किया गया। इस अधिनियम के तहत भारत के सभी नागरिकों को सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करना है जिस के माध्यम से वो किसी भी सरकारी विभाग से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें बात को सुनिश्चित करना होगा कि वो कौन सी जानकारी और किस विभाग से प्राप्त करना चाहते हैं ? नागरिकों को RTI File करने के लिए दो विकल्प उपलब्ध कराये गए हैं। जिनमें से एक है – ऑनलाइन और दूसरा है ऑफलाइन प्रक्रिया। ऑनलाइन प्रक्रिया में नागरिक घर बैठे या कहीं से भी RTI की आधिकारिक वेबसाइट/ (RTI Official Website) पर जाकर RTI file कर सकते हैं।

वहीं ऑफलाइन आरटीआई फाइल करने के लिए उन्हें निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन पत्र लिखना होगा। इसके बाद सम्बंधित सरकारी विभाग के सूचना अधिकारी के पास जमा कराना होगा। आप ये दोनों ही प्रक्रिया आएगी लेख में विस्तार पूर्वक समझ सकते हैं। RTI File करने के 30 दिन के अंदर ही आवेदक को सम्बंधित जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

RTI क्या है और कैसे लगाते हैं? | सूचना का अधिकार अधिनियम |
Right to Information in Hindi | RTI Application Format |

RTI – सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य

आरटीआई अधिनियम के पीछे देश के नागरिकों को भ्रष्टाचार मुक्त सेवाओं और सूचनाओं को प्रदान करने के लिए लाया गया था। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का मुख्य उद्देश्य सरकारी काम काज में पारदर्शिता लाना, सरकारी विभागों की जवाबदेही को बढ़ाना और साथ ही भ्रष्टाचार को रोकने व नियंत्रण करना है। इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 लाया गया है।

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कौन कौन सी और किससे सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं ?

भारत के नागरिकों को प्राप्त सूचना का अधिकार का प्रयोग वे किसी भी प्रकार की सरकारी सूचनाएं जानने की मांग कर सकते हैं। जैसे कि –

  • सरकार के तहत किसी भी विभाग से संबंधित जानकारी RTI दायर कर सकते हैं।
  • सरकारी दस्तावेजों के निरीक्षण का अधिकार भी इस अधिकार के तहत प्रदान किया गया है।
  • किसी भी सरकारी आदेश, निर्णय आदि की प्रति भी ले सकते हैं।
  • सरकारी कार्यों के पदार्थों के नमूने आदि की जानकारी भी ले सकते हैं।
  • कहीं भी सरकारी कार्यों से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करने व निरीक्षण का अधिकार भी है।
    • क्षेत्र में कितना कार्य हुआ
    • कार्य में  कितना खर्चा हुआ
    • सम्बंधित क्षेत्र में साफ-सफाई कर कितना खर्चा हुआ
    • किसी विभाग दफ्तर में कितनी नियुक्ति हुई
    • डिफेंस में कितनी दवाइयां आती हैं और कितनी आयी हैं ? आदि ऐसे ही अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
  • इसी प्रकार आप और भी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सरकारी विभागों से आरटीआई अधिनियम के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

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निम्नलिखित से संबंधित जानकारी हेतु आवेदन नहीं किया जा सकता –

  • RTI दायर करके कोई व्यक्ति किसी सरकारी विभाग की किसी बात/ तथ्य पर उनकी राय जानने हेतु आवेदन नहीं कर सकता है।
  • वो महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी जो सरकार और देश की सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी की श्रेणी में आती हो, इसका खुलासा आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त नहीं किया जा सकता।

आरटीआई अधिनियम के तहत आप उन सभी विभागों व इकाइयों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जो कि –

  • जो कि संविधान या किसी सरकारी अधिसूचना या किसी अन्य कानूनों के तहत बने हैं
  • या फिर जो सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं या नियंत्रित किये जाते हैं।
  • RTI के अंतर्गत सभी गवर्नमेंट डिपार्टमेंट, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, बिजली कंपनी, बैंक, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, राष्ट्रपति पुलिस आते हैं

यहाँ जानिये RTI Application Format

आप को आरटीआई यानी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी जानकारी को प्राप्त करने के लिए सम्बंधित विभाग को एक आवेदन पत्र देना होता है। कृपया ध्यान दें कि RTI Application के लिए कोई निर्धारित फॉर्मेट नहीं है।

आवेदन पत्र को आप टाइप और प्रिंट करके या फिर किसी भी A 4 साइज के साफ़ पेपर में अपने आवेदन लिखकर जमा कर सकते हैं। ये आवेदन पत्र आप कैसे लिख सकते हैं, इस बारे में जानने के लिए आप आगे पढ़ें। आप की सुविधा के लिए हमने यहाँ एक फॉर्मेट उपलब्ध करा दिया है।

सेवा में,

जनसूचना अधिकारी (सीपीआईओ / पीआईओ )
विभाग का नाम . . . . . . . . .
विभाग का पता. . . . . . . . . ..
पिन कोड . . . . . . . .

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विषय – सूचना अधिकार के तहत आवेदन (RTI) Act 2005 के अंतर्गत . . . . . . . . से संबधित सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन।

महोदय/ महोदया,

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत कृपया निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लिखित रूप में प्रदान करने की कृपा करें।

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(अब आप नीचे दिखाए गए स्थान पर अपने आवेदन पत्र में सभी प्रश्न लिख सकते हैं।)

1-.. . . .. . . . . . . . .. ..

2-. . . . . . . . . . . . . . ..

3-.. . . . . . . . . . . . . . .

4- . . . . . .. . . . . . . .

मैं मांगी गयी जानकारी के हेतु आवेदन शुल्क / फ़ीस के रूप में 10रू (जो भी लागू हो) का पोस्टल ऑर्डर / बैंक ड्राफ्ट संख्या …….. , जिसकी जारी करने की तिथि है – . . . . को आवेदन पत्र के साथ ही संलग्न कर रहा /रही हूं।

या फिर

मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं…………..है।

( यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत सूचना उपलब्ध कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।)

भवदीय,

नाम: . . . . . . . .

पता: . . . . . . . . . . . . .

फोन नं: . . . . . . ..

हस्ताक्षर : . . . . . . . . .

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आप को जिस संबंध में जानकारी चाहिए, उस से संबंधित विभाग की जानकारी लें। जैसे कि – जन सूचना अधिकारी की जानकारी आदि।
  • इसके बाद RTI दायर करने के लिए आप को A4 साइज के सादे कागज़ पर लिखित में अपना आवेदन लिखना होगा।
  • आप चाहें तो निर्धारित प्रारूप (RTI Application Format) में आरटीआई का एप्लीकेशन फॉर्म इस लेख में प्राप्त कर लें।
  • अब आप को इस आवेदन पत्र में पूछी गयी सभी जानकारियां भरनी हैं। यदि आप लिखित में दे रहे हैं तो लेख में ऊपर बताये गए फॉर्मेट के अनुसार जानकारियां दर्ज करें।
  • अब इस आवेदन पत्र के साथ आप को 10 रूपए का पोस्टल आर्डर संलग्न करें। इसकी प्रति अपने पास भी रखें।
  • ध्यान दें कि 2 रुपए प्रति पृष्ठ के हिसाब से आप को भुगतान भी करना होगा। इसके साथ ही जानकारी दे दें कि देश के अलग-अलग राज्यों में इसकी फीस अलग भी हो सकती है।
  • अब आप इसे संबंधित विभाग के जन/लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के पास जमा करा दें। हर सरकारी विभाग में एक जन सूचना अधिकारी होता है।
  • इसके बाद आप लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) से रिसीविंग प्राप्त करनी होगी।
  • RTI दायर करने के लिए आप हिंदी व अंग्रेजी में से किसी भी भाषा का प्रयोग अपनी सुविधानुसार कर सकते हैं।

RTI Application Format in Hindi & English

आप नीचे दिए गए आरटीआई के आवेदन पत्र के पीडीएफ फॉर्मेट को देख सकते हैं। पाठकों की सुविधा के लिए हमने इंग्लिश और हिंदी, दोनों ही भाषा में फॉर्मेट उपलब्ध कराये हैं।

RTI Application Form Pdf Download in English
आरटीआई आवेदन पत्र पीडीएफ डाउनलोड – हिंदी में

आरटीआई दायर करने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

यदि आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो आप यहाँ दी गयी आरटीआई दायर करने / आवेदन हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया अपना सकते हैं। –

  • सबसे पहले आप को Online RTI File करने के लिए निर्धारित आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  • आरटीआई की आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर दिख रहे विकल्पों में से आवेदन करें (Submit Request) के विकल्प पर क्लिक कर दें।
  • क्लिक करते ही आप के सामने अगला पेज खुलेगा। जहाँ आप को कुछ guidelines पढ़ने को मिलेगी। इन्हें पढ़कर आप को चेकबॉक्स पर टिक करके Submit करना होगा।
  • इसके बाद अगले पेज पर ऑनलाईन आरटीआई अनुरोध प्रपत्र (Online RTI Request Form) खुल जाएगा। कैसे भरें online RTI request form
  • इसमें पूछी गयी विभिन्न जानकारियों को भरना होगा। जैसे कि – आपका पता, शैक्षणिक योग्यता  लोक प्राधिकारी का चयन करें, और आप किस संस्थान / विभाग से सवाल पूछना चाहते हैं और आप के सवाल आदि सभी जानकारी आप भर सकते हैं।
  • इन महत्वपूर्ण जानकारियों को भरने के बाद आप बीपीएल कार्ड की प्रति अपलोड कर दें।
  • कृपया ध्यान दें कि ये 1 एमबी से अधिक की न हो। इस के बाद Submit के बटन पर क्लिक कर दें।
  • इसका साथ ही आप को RTI Fees के तौर पर 10 रुपये का चालान ऑनलाइन भरनी होगी। ये आप अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया का चयन कर सकते हैं।
    • इंटरनेट बैंकिंग,
    • डेबिट कार्ड से भुगतान / एटीएम कार्ड आदि।
  • भुगतान हेतु सभी जानकारी भरें और PAY के बटन पर क्लिक कर दें।
  • इस प्रक्रिया के पूरा होते ही आप की ऑनलाइन की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
  • इस के बाद ही आप को मैसेज और ईमेल एआईडी के माध्यम से आप को स्टेटस चेक करने हेतु नंबर मिल जाएगा।

आरटीआई स्टेटस चेक करना

  • आरटीआई के स्टेटस को चेक करने के लिए आप को सबसे पहले RTI की Official Website –  https://rtionline.gov.in/ पर जाना होगा।
  • अब आप होम पेज पर ऊपर दिए गए विकल्पों में से स्टेटस देखें (View Status) विकल्प पर क्लिक करें।
  • इस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आप की कंप्यूटर स्क्रीन पर अगला पेज खुलेगा।
  • अब यहाँ आप को पूछी गयी सभी जानकारियों को भरना होगा।
  • सबसे पहला आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। इसके साथ ही आप को Security Code डालना है और फिर Submit के बटन पर क्लिक कर दें।
  • इसके बाद आप के स्क्रीन पर अगला पेज खुलेगा जहाँ आप आरटीआई संबंधित सभी जानकारियां पढ़ सकते हैं।
  • इस प्रकार आप Online RTI Status की जांच कर सकते हैं।

सूचना का अधिकार के तहत आवेदन शुल्क ?

किसी भी विषय से संबंधित आरटीआई दायर करने हेतु आप को आवेदन के साथ निर्धारित धनराशि का भुगतान करना होगा। हालाँकि बीपीएल श्रेणी में आने वाले सभी नागरिकों को किसी भी विभाग या मंत्रालय से कोई भी जानकारी हासिल करने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा।

इसके अतिरिक्त अन्य कोई भी नागरिक जानकारी हेतु सरकार द्वारा निर्धारित 10 रुपए का शुल्क का भुगतान करके इच्छित जानकारी प्राप्त कर सकता है। सूचना पाने के लिए दस्तावेजों की फोटो कॉपी हेतु 2 रुपये प्रति सूचना पृष्ठ भी केंद्र सरकार के विभागों के लिए देने पड़ते हैं, लेकिन कृपया ध्यान दें कि ये धनराशि अलग-अलग राज्यों में अलग भी हो सकती है।

  • आवेदन शुल्क नकद, डीडी, बैंकर चेक या पोस्टल आर्डर के माध्यम से जमा किया जा सकता है।
  • कुछ राज्यों में नागरिकों को कोर्ट फीस टिकटें खरीदने का विकल्प दिया गया है। और इसे अपने आवेदन पत्र पर चिपका सकते हैं। ऐसा करने पर भी शुल्क जमा माना जाएगा। इसके बाद तब अपना आवेदन स्वयं या डाक से जमा करा सकते हैं।
  • यदि आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाला है या इस श्रेणी का है, तो उसे कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए सम्बंधित व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे के अपने दावे के समर्थन में एक प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
  • अलग-अलग राज्यों में 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक की फीस ली जाती है।
  • दस्तावेजों की प्रति / फोटो कॉपी बनाने के लिए आप से 2 रुपए से लेकर 5 रुपए प्रति कॉपी ली जा सकती है।

सूचना प्राप्त होने की समय सीमा ?

किसी भी नागरिक द्वारा आरटीआई दायर करने के 30 दिनों के अंदर ही उन्हें पूछी गयी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। ये सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा है।

RTI के तहत सूचना न मिलने पर क्या करें ?

यदि कोई नागरिक RTI के तहत किसी सूचना की मांग करता है तो सरकारी नियम के तहत उन्हें अगले 30 दिनों के भीतर संबंधित विभाग द्वारा मांगी गयी सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। यदि किसी स्थिति में ऐसा नहीं होता है तो ऐसे में वो नागरिक अपीलीय अधिकारी के पास सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुच्छेद 19(1) के तहत एक अपील दायर कर सकते हैं। ऐसा तब भी किया जा सकता है जब कोई नागरिक 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराई गयी जानकारी से संतुष्ट न हो।

यदि नागरिक द्वारा दायर की गयी पहली अपील भी संतोषजनक नहीं होती है तो ऐसे में आवेदक के पास अंतिम विकल्प द्वितीय अपील का होता है। RTI Act 2005 के अंतर्गत द्वितीय अपील सूचना आयोग के जा सकता है। केंद्र सरकार के विभागों के विरुद्ध केंद्रीय सूचना आयोग होता है और राज्य सरकार के विभागों के विरुद्ध राज्य सूचना आयोग की स्थापना की गयी है। यदि अब भी सूचना न प्राप्त हो तो आप एक और रिमाइंडर भेज सकते हैं। बावजूद इसके यदि कोई कार्यवाही न हो तो आप को इस मसले को हाई कोर्ट ले जाने का पूरा अधिकार होगा।

  • प्रत्येक सरकारी विभाग में प्रथम अपीलीय अधिकारी नियुक्त होता है। जिनके पास नागरिक अपनी पहली अपील दायर कर सकते है।
  • सूचना प्राप्ति के 30 दिनों और आरटीआई अर्जी दाखिल करने के 60 दिनों के भीतर आप प्रथम अपील दायर कर सकते हैं।
  • पहली अपील के निष्पादन के 90 दिनों के भीतर या उस तारीख के  90 दिनों के भीतर कि जब तक प्रथम अपील निष्पादित होनी थी, द्वितीय अपील दायर की जा सकती है।

जानिये सूचना का अधिकार संबंधी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • पीआईओ या एपीआईओ का पता न चलने पर आप अपने RTI के आवेदन पत्र को सम्बंधित विभाग के अध्यक्ष को भी भेज सकते हैं। इसके बाद आप के आवेदन पत्र को संबंधित पीआईओ के पास भेजने की जिम्मेदारी उसी विभागाध्यक्ष की होगी।
  • यदि पीआईओ या संबंधित विभाग आरटीआई आवेदन स्वीकार न करें तो आप ये कर सकते हैं –
    • आप अपना आवेदन डाक द्वारा भेज सकते हैं।
    • इसकी औपचारिक शिकायत संबंधित सूचना आयोग को भी अनुच्छेद 18 के तहत करें।
    • सूचना आयुक्त को उस अधिकारी पर 25,000 रुपये का अर्थदंड लगाने का अधिकार है, जिसने आवेदन लेने से मना किया था।
  • यदि आवेदन-अर्जी उस पीआईओ से संबंधित न हो तो वह उसे उपायुक्त पीआईओ के  पास पांच दिनों के भीतर अनुच्छेद 6(3) के तहत भेज सकता है.
  •  प्रथम अपील/द्वितीय अपील की कोई फीस नहीं है। हालांकि कुछ राज्य सरकारों ने फीस का प्रावधान किया है।
  • विभिन्न राज्यों में सूचना शुल्क/अपील शुल्क का प्रारूप अलग-अलग है। कहीं आवेदन के लिए शुल्क 10 रुपये है तो कहीं 50 रुपये निर्धारित हैं।
  • इसी तरह दस्तावेजों की फोटो कॉपी के लिए कहीं 2 रुपये तो कहीं 5 रुपये लिए जाते हैं।
  • ये बिलकुल भी आवश्यक नहीं है कि आप सूचना के अधिकार के तहत किसी भी सूचना को मांगने का कारण बताएं।

सूचना का अधिकार अधिनियम / RTI से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

RTI क्या होता है ?

ये एक अधिनियम है जिसे सूचना का अधिकार भी कहा जाता है। Right To Information Act – इस अधिनियम के तहत देश का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी डिपार्टमेंट से पूछताछ करने का अधिकार रखता है। आवेदक आवश्यकता पड़ने पर कभी भी सरकारी कार्यालय / विभाग से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकता है। और सम्बंधित विभाग को ये जानकारी उन्हें निर्धारित अवधी के दौरान उपलब्ध करानी होगी।

आरटीआई (RTI) का फुल फॉर्म क्या है ?

आरटीआई (RTI) का फुल फॉर्म होता है- राइट टू इंफॉर्मेशन (Right to Information) .

आरटीआई लगाने में कितना खर्च आता है?

RTI के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को किसी भी सरकारी विभाग में आरटीआई के लिए आवेदन करने के लिए सामान्य तौर पर आवेदन पत्र के साथ 10 रूपए का शुल्क देना होता है। और साथ ही फोटोकॉपी की प्रति के लिए 2 रूपए प्रति पेज निर्धारित किया गया है। हालाँकि इसमें जगह के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। जिसमे भी 50 रूपए से अधिक नहीं हो सकता है। गरीबी रेखा से नीचे वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार के शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।

आरटीआई के लिए कौन पात्र है?

RTI डालने के लिए भारत देश का कोई भी नागरिक पात्र होगा। इसमें जानकारी प्राप्त करने के लिए कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है।

अगर 30 दिनों में आरटीआई का जवाब नहीं दिया गया तो क्या होगा?

आप संबंधित लोक प्राधिकरण को अपनी अपील भौतिक रूप में दर्ज कराएं। हालाँकि ऐसा आप 30 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद ही कर सकते हैं।

क्या सरकारी कर्मचारी RTI लगा सकता है?

जी हाँ, सरकारी कर्मचारी भी आरटीआई के तहत अपने सूचना के अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।

आज इस लेख में हमने आप को सूचना का अधिकार अधिनियम RTI के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आप को ये जानकारी उपयोगी लगी होगी और साथ ही इच्छित जानकारी भी प्राप्त हुई होगी। यदि आप ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण और जानकारीपरक लेखों को पढ़ना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट Hindi NVSHQ से जुड़ सकते हैं।

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