Web Hosting क्या है? यह कैसे काम करता है? कौन सा होस्टिंग ख़रीदे?

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Reported by Rohit Kumar

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आजकल की इस इंटरनेट वाली दुनिया में सभी लोग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर सेकंड में पूरी दुनिया में लाखों Websites एक्सेस की जाती हैं। यह इंटरनेट बहुत सारी वेबसाइट्स का एक जाल है। दोस्तों जैसा की आप जानते ही हैं की यदि हमें इंटरनेट पर कोई वेबसाइट लांच करनी है तो उसके लिए होस्टिंग की जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या आपको पता है कि Web Hosting क्या होती है? और यह किस प्रकार काम करता है ? यदि आप भी अपनी कोई वेबसाइट शुरू करने जा रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। आज के आर्टिकल में हम आपको वेबसाइट की Hosting और Hosting कितने प्रकार की होती है ? आदि के बारे में समझाने और बताने का प्रयास करेंगे। जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक पूरा पढ़ें।

What is Web hosting in hindi
Web Hosting क्या है? यह कैसे काम करता है?

Web Hosting क्या है

वेबसाइट इंटरनेट पर मौजूद उन पेजों का संग्रह है जिसमें यूज़र के लिए Content (सामग्री) और Information (सूचना) के रूप में काम की जानकारियां उपलब्ध होती है। आपको बता दें किसी भी वेबसाइट को Design और Create के लिए आपको HTML और CSS प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। किसी वेबसाइट के दो मुख्य भाग होते हैं डोमेन नेम और Web एड्रेस।

  • Domain Name :- किसी वेबसाइट का डोमेन नेम उस वेबसाइट की पहचान या नाम होता है जैसे की यदि किसी वेबसाइट का नाम facebook.com है तो वेबसाइट का डोमेन नेम facebook.com होगा इसी तरह यदि किसी वेबसाइट के एड्रेस अंत में .com लगा हुआ है तो इसका मतलब है की वेबसाइट Commercial और Business उपयोग के लिए बनायी गयी है। इसी प्रकार हम देखें की किसी वेबसाइट के Address के अंत में .edu लगा हुआ है तो वह Education Purpose हेतु बनाई गयी है। अब आप समझ गए होंगे की वेबसाइट के एड्रेस के अंत में लगने वाले एक्सटेंशन .com, .in, .org, .ac आदि को डोमेन एक्सटेंशन (Domain Extension) कहा जाता है।

कुछ Popular डोमेन नेम के Extension की List

दोस्तों यहाँ लिस्ट में हमने आपको दुनिया भर में कुछ Popular डोमेन नेम के एक्सटेंशन बारे में बताया है इन डोमेन नेम एक्सटेंशन को खरीदने के लिए आपको काफी ज्यादा पैसे चुकाने होते हैं। इन डोमेन नेम को TLD Extension कहा जाता है यहां TLD का अर्थ है Top Level Domain जिनकी मार्केट में बहुत ज्यादा मांग है।

S.NExtension
1.com
2.net
3.org
4.co
5.us
6.ca
7.in
8.ir
9.de
10.ru
11.uk
12.au
  • Web Address:- जब हम किसी वेबसाइट को ब्राउज़र में ओपन करते हैं तो आपने देखा होगा की हम ब्राउज़र के एड्रेस बार में वेबसाइट का एड्रेस डालते हैं मान लें की यदि आप अपने Computer के Browser के एड्रेस बार में www.google.com को Type कर पेज ओपन करते हैं आपके सामने गूगल की वेबसाइट ओपन हो जाती है। यहाँ पर वेबसाइट ओपन करने के लिए जो google.com एड्रेस टाइप किया वह वेबसाइट का वेब एड्रेस कहलायेगा। आगे हमने कुछ पॉपुलर वेबसाइट के वेब एड्रेस की लिस्ट दी है

कुछ Popular वेबसाइट के वेब Address की लिस्ट

ये रही दुनिया के कुछ पॉपुलर वेबसाइट के वेब एड्रेस की सूची –

व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp
S.No. Website Web Address
1Googlehttps://www.google.com
2YouTubehttps://www.youtube.com
3Microsfthttps://www.microsoft.com
4Yahoohttps://www.yahoo.com
5Wikipediahttps://www.wikipedia.org

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Web Hosting क्या होती है ?

वेब होस्टिंग एक प्रकार की इंटरनेट सेवा है जो मौजूदा Internet पर किसी भी Website को सर्वर (Server) पर होस्ट करने के लिए उपयोग की जाती है। जब हम किसी वेबसाइट को इंटरनेट से जोड़ते हैं या इंटरनेट पर डालते हैं तो इसके लिए हमें होस्टिंग खरीदनी होती है। वेब होस्टिंग किसी भी वेबसाइट को चलाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। यहाँ पर आप यह समझें की किसी भी वेबसाइट को Run करने के लिए जो Resources चाहिए होते हैं वह Hosting के द्वारा ही प्रदान किये जाते हैं। एक अच्छी वेब होस्टिंग के पांच मुख्य भाग हैं जिनके बारे में हमने आर्टिकल में आगे बताया है –

  1. Hosting Storage Capacity :- दोस्तों जैसा की आप जानते हैं हमारे फ़ोन या कंप्यूटर में फाइलों को सेव करने हेतु कुछ Storage Disk ड्राइव दी होती हैं जिन्हें HD (Hard Drive) या SD (Storage Drive) कहा जाता है। ठीक उसी प्रकार हमें वेबसाइट होस्टिंग के लिए सर्वर पर Storage Capacity की आवश्यकता होती है जिससे की हम वेबसाइट पर अपलोड की जाने वाली फाइलों को सर्वर पर सेव कर सकें। यदि वेबसाइट का स्टोरेज स्पेस कम होगा तो वेबसाइट को लोड होने में अधिक समय लगेगा जिससे आपके वेबसाइट के यूजर वेबसाइट को छोड़ बैक जा सकते हैं।
    यदि वेबसाइट के सर्वर पर स्टोरेज स्पेस अधिक होगा तो आपकी वेबसाइट Fast लोड होगी और Smooth चलेगी जो वेबसाइट के यूजर के अनुभव को और अच्छा बनाएगा। वैसे आपको बता दें की मार्केट में आपको वेब सर्वर पर स्टोरेज स्पेस ख़रीदने हेतु विभिन्न तरह के प्लान मिल जाएंगे। आप अपनी आवश्यकता अनुसार एक अच्छे वेबसर्वर का चुनाव कर सर्वर का Disk Storage Space प्लान ले सकते हैं।
  2. Country of Server :- दोस्तों आपको वेब होस्टिंग लेते हुए एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए की वेबसाइट का होस्टिंग सर्वर हो सकते तो आपके देश (Country) या Region में हो जिसे Local Server भी कहा जाता है। क्योंकि यदि वेबसाइट का वेब सर्वर लोकल होगा तो यूजर वेबसाइट को जल्दी और आसानी से Access कर पाएंगे। यदि वेब सर्वर दूसरे देश में दूर है तो वेबसाइट को लोड होने में समय लग सकता है। यदि आप वेब होस्टिंग के लिए लोकल सर्वर का पता करना चाहते हैं तो अपने होस्टिंग Provider से इसके बारे में पता कर सकते हैं।
  3. Website Bandwidth :- वेब होस्टिंग में वेबसाइट के Bandwidth का अहम कार्य होता है। आपको बता दें की किसी भी वेबसाइट की बैंडविड्थ वह होती है जब आपकी वेबसाइट को एक समय में बहुत सारे लोगों द्वारा search या access किया जा रहा हो। यह एक तरह से वेबसाइट के ट्रैफिक को सँभालने में मदद करता है। उदाहरण के तौर पर आप यह समझें की यदि किसी वेबसाइट को एक ही समय में 50 हजार लोगों द्वारा एक्सेस किया जा रहा है तो यहाँ पर यूजरों की संख्या हुई 50 हजार जो की उस वेबसाइट की बैंडविड्थ कहलाएगी। आपसे हम यही कहेंगे की वेब होस्टिंग का प्लान लेते हुए इस बात का ध्यान जरूर रखें की आपकी वेबसाइट के होस्ट सर्वर की बैंडविड्थ क्या है अर्थात वह एक समय में वेबसाइट के कितने यूजर को हैंडल कर सकता है।
  4. Website Backcups :- जैसा की आप जानते हैं की कंप्यूटर एक मशीन है और मशीन में कभी भी कोई भी खराबी आ सकती है। जिससे आपके कंप्यूटर में सेव data loss हो सकता है। इसलिए वेब साइट को होस्ट करते वक्त यह देखें की क्या आपका होस्टिंग सर्वर प्रोवाइडर आपको data बैकअप की सुविधा प्रदान कर रहा है की नहीं जिससे की आप भविष्य में आसानी अपने डाटा का बैकअप ले सकें।
  5. Uptime :- दोस्तों आपने देखा होगा की कभी कभी किसी वेबसाइट को विजिट करने पर वेबसाइट नहीं खुलती या फिर Website Not Found की Error दिखाता है। यह सब वेबसाइट के होस्टिंग सर्वर पर Uptime को ठीक से सेट ना किये जाने कारण होता है। यदि वेबसाइट hosting सर्वर का Uptime ठीक से सेट किया हो तो वेबसाइट जल्दी लोड होती है और सही ढंग से काम करती है। इसलिए जब भी वेबसाइट की होस्टिंग लें तो सर्वर का Uptime सेट करके जरूर रखें।

वेब होस्टिंग क्या है और कैसे काम करती है ?

वेब होस्टिंग एक तरह के Client और सर्वर के नेटवर्क के सिद्धांत के ऊपर कार्य करता है यहां पर आपको बताते चलें की जो वेबसाइट को होस्ट करने हेतु सर्वर को रिक्वेस्ट भेज रहा है वह क्लाइंट कहलाता है और जहाँ पर वेबसाइट होस्ट की जा रही है वह सर्वर या Web Server कहलाता है। सरल भाषा में समझें की जैसे कोई व्यक्ति कोई दूकान खोलना चाहता है लेकिन दुकान खोलने हेतु उसके पास जगह नहीं है इसलिए वह किसी बड़े बिजनेस मैन के पास जाकर किराए पर दूकान लेता है।

दुकान लेने पर प्रति महीने दुकान का किराया उस बड़े बिजनेस मैन को जिससे उसने दूकान ली है। यहाँ हमारा कहने का मतलब यह है की व्यक्ति Client है और बड़ा बिजनेस मैन होस्टिंग सर्वर। दोस्तों Web Server एक तरह के बड़े – बड़े कंप्यूटर होते हैं जिनकी स्टोरेज क्षमता इतनी ज्यादा होती है की जिस पर पूरी दुनिया का डाटा 3 से 4 बार सेव किया जा सकता है।

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Web होस्टिंग कितने प्रकार की होती है ?

उपरोक्त पैराग्राफ में हमने आपको वेब होस्टिंग के बारे में बताया है अब हम आपको वेब होस्टिंग के प्रकार के बारे में बताएंगे। दोस्तों आपको बता दें की मुख्यतः Web Hosting चार प्रकार की होती है –

  • Shared web hosting :- दोस्तों शेयर वेब होस्टिंग सबसे सस्ती वेब होस्टिंग मानी जाती है। इस वेब होस्टिंग में आप अपने किसी मित्र या पार्टनर के साथ मिलकर वेब सर्वर पर अपनी वेबसाइट को होस्ट करते हैं। वेब होस्टिंग को साथ में लेने से आपको इसका खर्च भी कम पड़ जाता है। उदाहरण के तौर पर यह समझें की किसी व्यक्ति ने Wi-fi लिया और वह अपने कुछ दोस्तों के साथ अपना वाई फाई साझा करता है ठीक इसी प्रकार किसी एक के द्वारा होस्टिंग लिए जाने पर वह पाने पार्टनर के साथ होस्टिंग share करता है यही शेयर होस्टिंग का सबसे अच्छा उदाहरण है। इस उदाहरण से आप समझ गए होंगे की क्या होती है Share Web hosting
  • शेयर वेब होस्टिंग के लाभ :-
    • इस तरह की वेब होस्टिंग सस्ती और लोकप्रिय होती है।
    • शेयर वेब होस्टिंग की SetUp प्रक्रिया आसान होती है।
    • Share Web होस्टिंग में उपयोग किया जाने वाला cpannel यूजर के समझने के लिए आसान होता है।
    • यह वेब होस्टिंग Low Maintance होती है।
  • शेयर वेब होस्टिंग के नुकसान :-
    • इस वेब होस्टिंग में सर्वर के बहुत ही लिमिटेड Resource का इस्तेमाल हो पाता है।
    • इसमें आपको Poor Connection और Weak Performance जैसी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है।
  • VPS (Virtual Private Server) Hosting :- जैसा की नाम से पता चल रहा है की यह प्राइवेट सर्वर वेब होस्टिंग है जिसे Dedicated hosting भी कहा जाता है। इस होस्टिंग में Client को दी जाने सर्विस को अलग बहुत सारे छोटे – छोटे प्राइवेट सर्वर में बांटकर सर्विस प्रदान की जाती है। VPS होस्टिंग सर्वर में किसी एक के अलावा दूसरे का कोई हस्तेक्षप नहीं होता है।
    • VPS Hosting के लाभ :-
      • VPS होस्टिंग highly Secure होस्टिंग मानी जाती है।
      • VPS होस्टिंग लेने से वेबसाइट फ़ास्ट लोड होती है।
    • VPS Hosting के नुकसान :-
      • VPS होस्टिंग शेयर वेब होस्टिंग से थोड़ा Costly होती है।
      • VPS होस्टिंग पर आप हाई ट्रैफिक मैनेज नहीं कर सकते क्योंकि वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा होने वेबसाइट के क्रैश होने डर बना रहता है।
  • Dedicated Server Hosting :- इस तरह की वेब होस्टिंग कुछ हद तक VPS hosting की तरह ही होती है बस अंतर यह है की जैसे VPS hosting में बहुत सारे छोटे सर्वर का उपयोग किया जाता है उसी तरह Dedicated Server Hosting में एक यूजर के द्वारा पुरे एक सर्वर का उपयोग किया जाता है। इस तरह की वेब होस्टिंग वे लोग यूज़ करते हैं जिनका डाटा स्टोरेज से संबंधित ज्यादा काम है।
    • Dedicated Server Hosting के लाभ :-
      • इस वेब होस्टिंग की मदद से आप सर्वर पर आने वाले highly ट्रैफिक को आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
      • यह होस्टिंग VPS होस्टिंग से ज्यादा highly सिक्योर मानी जाती है।
    • Dedicated Server Hosting के नुक्सान :-
      • इस तरह की वेब होस्टिंग लेना बहुत ही खर्चीला और मंहगा होता है।
      • ऐसे वेब होस्टिंग के लिए आपको थोड़ा बहुत टेक्निकल नॉलेज भी होना बहुत जरूरी है।
  • Cloud Hosting :- दोस्तों क्लाउड होस्टिंग VPS होस्टिंग का ही एक एडवांस रूप है जिसमें आपको बहुत सारे छोटे – छोटे सर्वर की जगह बड़े-बड़े सर्वर के द्वारा होस्टिंग की सुविधा प्रदान की जाती है। वेबसाइट को चलने पर आ रही किसी भी प्रकार की दिक़्क़त को इस क्लाउड होस्टिंग के माध्यम से आसानी से ठीक किया जा सकता है। इस होस्टिंग की मदद से आप Server टू Server आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
    • Cloud Hosting के लाभ :-
      • इस वेब होस्टिंग सर्विस लेने के वेबसाइट का लोड टाइम काफी कम हो जाता है।
    • Cloud Hosting के नुकसान :-
      • यह वेब होस्टिंग सबसे अधिक मंहगी और खर्चीली होती है।
      • इस वेब होस्टिंग में सर्वर हेतु high maintance की आवश्यकता होती है।

वेब होस्टिंग कौन सी खरीदें ?

दोस्तों हम आपको उपरोक्त ही बता चुके हैं की एक अच्छी वेब होस्टिंग के लिए क्या-क्या जरूरी होता है। यहाँ हम आपको कुछ पॉपुलर वेब होस्टिंग प्रोवाइडर के बारे में बता रहे हैं आप इनमें से वेब होस्टिंग के लिए किसी एक का प्लान अपनी आवश्यकता अनुसार खरीद सकते हैं।

क्रमांक Web Hosting Provider Name
1godaddy
2Hostgator India
3Hostinger
4Bluehost
5Bigrock

Hosting से जुड़े FAQs

वेब होस्टिंग क्या है?
व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp

वेबसाइट को इंटरनेट पर चलाने के लिए उपयोग की जाने वाली सर्विस को वेब होस्टिंग कहा जाता है।

सबसे अधिक लोकप्रिय वेब होस्टिंग कौन सी है ?

सबसे अधिक लोकप्रिय Web Hosting शेयर वेब होस्टिंग है।

सबसे ज्यादा खरीदा जाने वाला डोमेन एक्सटेंशन कौन सा है ?

सबसे ज्यादा खरीदा जाने वाला डोमेन एक्सटेंशन .com है।

वेब सर्वर क्या होते हैं ?

जिस कंप्यूटर सर्वर में हम अपनी वेबसाइट को होस्ट करते हैं वह कंप्यूटर वेब सर्वर कहलाता है।

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