(PKVY) परम्परागत कृषि विकास योजना 2022: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व लॉगिन

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(PKVY) परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 की शुरुआत केंद्र सरकार के द्वारा की गयी है। देश के किसान नागरिकों को जैविक खेती करने के लक्ष्य से योजना की घोषणा की गयी है। यह योजना किसान नागरिकों को जैविक कृषि करने हेतु मदद प्रदान करेगी। सॉइल हेल्थ योजना के तहत यह योजना शुरू की गयी है। PKVY के माध्यम से आधुनिक विज्ञान के मिश्रण को जैविक खेती का स्थायी मॉडल का विकास सुनिश्चित किया जायेगा। इसका मुख्य कार्य मिटटी की उर्वरता को बढ़ाना है यह कृषि रसायनों का उपयोग किये बिना जैविक क्रिया के अंतर्गत स्वस्थ भोजन के उत्पादन में सहयोग करता है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 से संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने जा रहे है। अतः परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

(PKVY) परम्परागत कृषि विकास योजना 2022: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व लॉगिन
(PKVY) परम्परागत कृषि विकास योजना 2022: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व लॉगिन

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022

PKVY– के किसान नागरिकों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। जिसके लिए योजना के माध्यम से किसान नागरिकों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा। यह कृषि के क्षेत्र में ऑर्गनिक रूप से उत्पादन करने के लिए एक बेहतर कदम उठाया गया है। जिसमें मिटटी की गुणवक्ता को भी बढ़ावा दिया जायेगा। यह योजना आधुनिकी रूप में उन्नति के अंतर्गत खेती के स्थायी स्वरुप को विकसित करने में एक विशेष प्रकार की सहायता का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही जैविक खेती करने के लिए किसान नागरिकों को योजना के अंतर्गत 3 वर्ष की अवधि की लिए 50 हजार रूपए की आर्थिक मदद प्राप्त होगी। इस राशि में से किसानों को बीजों एवं जैविक उर्वरकों और कीटनाशकों के लिए 31 हजार रूपए की राशि का सहयोग मिलेगा।

परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई)

योजना का नामपरम्परागत कृषि विकास योजना 2021
योजना की घोषणाभारत सरकार
संबंधित मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार
लाभार्थीदेश के सभी किसान नागरिक
उद्देश्यजैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
वर्ष2021
रजिस्ट्रेशनऑनलाइन ,ऑफलाइन
वित्तीय सहायता राशि50000
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें

Paramparagat Krishi Vikas Yojna (PKVY) के उद्देश्य

  • PKVY का मुख्य उद्देश्य है कृषि प्रणालियों को स्वाभाविक संपदा आधारित एकीकृत आबहवा लचीला स्थायी के माध्यम से बढ़ावा देना जो मिटटी की उर्वरता भौतिक सम्पदा संरक्षण एवं खेतो में पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण और बाह्य, आदानों पर किसानों की निर्भरता को कम करने और बढ़ाने को सुनिश्चित करते है।
  • स्थायी संघटित ऑर्गनिक कृषि प्रणालियों के अंतर्गत किसानों को कृषि की मूल्य कम करने के लिए जिससे प्रति इकाई भूमि पर किसान व्यक्ति की यथार्थ आय में वृद्धि हो।
  • लोकल और राष्ट्रीय बाजारों के साथ सीधे बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों नागरिकों को उद्यमी बनाना।
  • योजना के माध्यम से बिना रसायनों का उपयोग किये बिना जैविक रूप से कृषि क्षेत्र में पौष्टिक उत्पादों का उत्पादन करना।
  • जिससे मनुष्य जीवन जीने के लिए नागरिकों को एक पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।
  • पर्यावरण के योग्य कम मूल्य वाली पारंपरिक तकनीकों और किसान योग्य टैक्नोलॉजी को अपनाकर जोखिम इनऑर्गेनिक कैमिकल्स से परिवेश की सुरक्षा करना।
  • प्रोडक्शन प्रोसेसिंग वैल्यू एडिशन और सर्टिफिकेट मैनेजमेंट के प्रबंधन की योग्य वाले समुदाय और समूह के रूप में अपने स्वयं के इंस्टीटूशनल उन्नति के माध्यम से किसानों को बनाया जायेगा।

योजना के अंतर्गत 4 वर्ष की अवधि में खर्च की गयी राशि का विवरण

year budget estimate (crore)revised estimate (crore)release (crore)
2017-18350250203.46
2018-19360335.91329.46
2019-20325299.36283.67
2020-21500350381.05
कुल15351235.271197.64

Paramparagat Krishi Vikas Yojana Statistics

Active Regional Council334
Total Group26007
Approved Group26007
Total Farmer924450
Approved Farmer910476
Not Approved Farmer13974
Total Certificate2141473
Approved Certificate939466
Not Approve Certificate1202007
Area Offered For Organic Farming551112.279075419 Hectare

PKVY परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 लाभ एवं विशेषताएं

  • Paramparagat Krishi Vikas Yojna के माध्यम से किसानों नागरिकों को ऑर्गनिक रूप में खेती करने का अवसर मिलेगा।
  • यह कृषि से संबंधी उत्पादों को जैविक रूप में खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करती है।
  • PKVY के अंतर्गत मिटटी की उर्वरता को एक विशेष प्रकार का बढ़ावा मिलेगा।
  • योजना के माध्यम से किसान नागरिकों को ऑर्गनिक रूप में खेती करने के लिए आर्थिक सहयोग सरकार के द्वारा प्रदान किया जायेगा।
  • किसान नागरिकों को 88 सौ रूपए मूल्य वर्धन एवं वितरण के लिए प्रदान किया जायेगा।
  • 3 वर्ष की अवधि के लिए किसान नागरिकों को योजना के अंतर्गत 50 हजार प्रति हेक्टयेर के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • परम्परागत कृषि विकास योजना के कार्यन्वयन के लिए पिछले 4 सालो की अवधि में 1197 करोड़ रूपए की राशि खर्च की गयी है।
  • क्लस्टर निर्माण एवं क्षमता निर्माण के लिए 3 हजार रूपए की राशि प्रति हैक्टेयर के अनुसार प्रदान की जाएगी।
  • किसान नागरिकों के बैंक खाते में योजना से मिलने वाली सहायता राशि को उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किया जायेगा।
  • किसान नागरिकों को पीकेवीआई के माध्यम से बीजों कीटनाशकों ,जैविक उर्वरक हेतु 31 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाती है।
  • वर्ष 2015-16 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा कैमिकल्स से मुक्त जैविक खेती को क्लस्टर रुप में बढ़ावा देने के लक्ष्य से योजना को शुरू किया गया है।

PKVY Eligiblity परम्परागत कृषि विकास योजना

  • भारत के सभी मूल निवासी किसान नागरिक इस योजना में आवेदन करने हेतु पात्र माने जायेंगे।
  • किसान नागरिक की आयु परम्परागत कृषि विकास योजना हेतु 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए।
  • केवल किसान श्रेणी के नागरिक ही योजना हेतु आवेदन करने के पात्र माने जायेंगे।
  • योजना में आवेदन करने के किसान व्यक्ति के पास सभी प्रकार के आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।

Paramparagat Krishi Vikas Yojna (PKVY) Documents

  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • आवेदक किसान नागरिक की पासपोर्ट साइज फोटो

परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ऐसे करें ?

यदि किसान नागरिक परम्परगत कृषि विकास योजना में ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

  • Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2022 Online Registration करने के लिए परम्परागत कृषि विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ।
  • वेबसाइट में जाने के पश्चात होम पेज में Apply Now के लिंक को चुने।
  • लिंक में क्लिक करने के पश्चात नए पेज में आवेदक किसान नागरिक को फॉर्म प्राप्त होगा।
  • आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी दर्ज करें।
  • जैसे आवेदक किसान नागरिक का नाम ,मोबाइल नंबर ,पते से संबंधी जानकारी ,राज्य स्टेट ,ईमेल आईडी आदि।
  • एप्लीकेशन फॉर्म में सभी महत्वपूर्ण विवरण भरने के बाद मांगे गए सभी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ अपलोड कर submit ऑप्शन में क्लिक करें।
  • इसके पश्चात आवेदक किसान नागरिक को रजिस्टर्ड किये गए मोबाइल नंबर में रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा।
  • इस प्रकार परम्परागत कृषि विकास योजना 2022 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

PKVY पोर्टल में लॉगिन ऐसे करें ?

पीकेवीआई पोर्टल में लॉगिन करने के नीचे दिए गए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।

  • परम्परागत कृषि विकास योजना लॉगिन करने हेतु pgsindia-ncof.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ।
  • वेबसाइट में जाने के पश्चात होम पेज में लॉगिन वाले विकल्प का चयन करें।
  • इसके पश्चात लॉगिन करने के लिए दी गयी जानकारी को दर्ज करें।
  • जैसे-यूजर नाम ,पासवर्ड। PKVY पोर्टल लॉगिन
  • इसके बाद कॉलम में दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करके लॉगिन विकल्प में क्लिक करें।
  • इस प्रकार नागरिक PKVY पोर्टल में लॉगिन प्रक्रिया को पूरा कर पाएंगे।
पीकेवीआई संपर्क विवरण ऐसे देखे ?
  • Paramparagat Krishi Vikas Yojana Contact Details देखने के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट में प्रवेश करें।
  • वेबसाइट में प्रवेश करने के पश्चात होम पेज में Contact Us के लिंक में क्लिक करें।
  • लिंक में क्लिक करने के पश्चात अगले पेज में State Contact Details से संबंधी सभी जानकारी प्राप्त होगी।
  • इस लिस्ट में से किसान नागरिक अपने राज्य के अनुसार सम्पर्क नंबर एवं ईमेल आईडी की जानकारी को प्राप्त कर सकते है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana से संबंधित प्रश्न उत्तर

परम्परागत कृषि विकास योजना की शुरुआत कब और किसके द्वारा की गयी ?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2015-16 में परम्परागत कृषि विकास योजना की शुरुआत गयी।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana को क्यों शुरू किया गया है ?

जैविक रूप से खेती करने के लक्ष्य से Paramparagat Krishi Vikas Yojana को शुरू किया गया है जिसमें किसान नागरिक बिना केमिकल्स का प्रयोग करके कृषि में उत्पादन कर स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन लोगो तक उपलब्ध करवा सके।

कितने वर्ष की अवधि के लिए किसानों को योजना के माध्यम से 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी ?

परम्परागत कृषि विकास योजना के माध्यम से 3 वर्ष की अवधि के लिए किसान नागरिकों को 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों को क्या लाभ होंगे ?

किसान नागरिकों को परम्परागत कृषि विकास योजना के माध्यम से ऑर्गनिक रूप में खेती करने के लिए विशेष अवसर प्राप्त होगा ,जिसमें उन्हें जैविक खेती करने के लिए सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।

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