Hindi Gender Ling | लिंग की परिभाषा: भेद और पहचान के नियम

हिंदी व्याकरण में लिंग की सहायता से किसी व्यक्ति या वस्तु के जाति का पता लगाया जाता हैं। लिंग के आधार पर संज्ञा में जो बदलाव होता है वह पुरुष जाति या तो स्त्री जाति के वजह से होते हैं। व्याकरण में लिंग का बहुत महत्व है। तो आइए जानते है लिंग किसे कहते है, ... Read more

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Reported by Saloni Uniyal

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हिंदी व्याकरण में लिंग की सहायता से किसी व्यक्ति या वस्तु के जाति का पता लगाया जाता हैं। लिंग के आधार पर संज्ञा में जो बदलाव होता है वह पुरुष जाति या तो स्त्री जाति के वजह से होते हैं। व्याकरण में लिंग का बहुत महत्व है। तो आइए जानते है लिंग किसे कहते है, परिभाषा और इसके कितने भेद होते है। सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे लेख को विस्तारपूर्वक अंत तक पढ़े।

Hindi Gender Ling | लिंग की परिभाषा: भेद और पहचान के नियम
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यह भी जानिए :- Vyakti Vachak Sangya | व्यक्ति वाचक संज्ञा

लिंग की परिभाषा

संज्ञा शब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु के पुरुष अथवा स्त्री वाचक होने का बोध होता है, तो उसे लिंग कहते हैं। जैसे – राम, श्याम, राधा, गीता, भाई, बहिन, कवि आदि ये सभी पुरुष और स्त्री वाचक हैं। क्या आप जानते हो व्यक्ति वाचक संज्ञा किसे कहते हैं ?

लिंग के भेद

हिंदी भाषा में लिंग के दो भेद होते हैं –

  • पुल्लिंग
  • स्त्रीलिंग

पुल्लिंग

वे संज्ञा शब्द जिनके द्वारा किसी पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं। जैसे – मोहन, पापा, भाई, घर, बकरा, मुर्गा, कुत्ता, हाथी, शेर, चाचा, मामा, नौकर आदि।

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स्त्रीलिंग

जिन शब्दों से किसी स्त्री जाति का बोध होता हैं उसे स्त्रीलिंग कहते है। जैसे – मां, दीदी, दादी, रोनिका, सोनम, हथनी, शेरनी, खिड़की,नौकरानी, खाती, जाती आदि।

पहचान के नियम-

लिंग की सटीक तरीके से पहचान करने के लिए स्त्री और पुरुष लिंग को दो अलग – अलग भागों में पढ़ेंगे। तो आइए जानते हैं :-

पुल्लिंग की पहचान

जैसा की हमने आपको बताया कि जब किसी संज्ञा में पुरुष वाचक का बोध हो, तो उसे पुल्लिंग कहते हैं। लेकिन कई ऐसी निर्जीव वस्तु होती है, जो पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होती है।

पुल्लिंग शब्द की पहचान करने का आसान तरीका जब किसी शब्द के पीछे अ, आव, आ, पन, त्वा, पन, न आदि शब्द आते हैं जैसे – मन वन, तन, शेर, राम, कृष्ण, देवत्व, मोटापा, बपचन, लेन -देन। पुल्लिंग के अंतर्गत पर्वतों के नाम, देशों के नाम, अनाज़ों के नाम, हिंदी महीनों के नाम, दिनों के नाम, जलस्थलों के नाम, विभागों के नाम, ग्रह-नक्षत्रों के नाम, पेड़ों के नाम आते हैं, लेकिन कुछ अपवादों को छोड़कर जैसे –

  • धातुओं के नाम:- सोना, ताम्बा, पीतल, लोहा। अपवाद – चाँदी (स्त्रीलिंग)
  • वृक्षों के नाम:- नीम, बरगद, बबूल, आम, पीपल, अशोक। अपवाद – इमली (स्त्रीलिंग)
  • अनाजों के नाम:- चावल, गेहूँ, बाजरा, जौ। अपवाद – ज्वार (स्त्रीलिंग)
  • द्रव पदार्थों के नाम:- तेल, घी, दूध, शर्बत, मक्खन, पानी। अपवाद – लस्सी, चाय (स्त्रीलिंग)
  • समय सूचक नाम:- क्षण, सेकण्ड, मिनट, घण्टा, दिन, सप्ताह, पक्ष, माह। अपवाद – रात, सायं, सन्ध्या, दोपहर (स्त्रीलिंग)
  • पर्वतों के नाम:- हिमालय, विंध्याचल, अरावली, कैलाश, आल्पस।
  • महीनों के नाम:- अंग्रेज़ी एवं भारतीय महीनों के नाम।
  • दिन या वारों के नाम:- सोमवार, मंगलवार, शनिवार, रविवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार।
  • देशों के नाम:- भारत, अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस, इंडोनेशिया। अपवाद – श्रीलंका (स्त्रीलिंग)
  • ग्रहों के नाम:- सूर्य, चंद्रमा, मंगल, शुक्र, राहु, केतु, अरुण, वरुण, यम। अपवाद – पृथ्वी (स्त्रीलिंग)
  • समुद्रों के नाम :- हिन्द महासागर, प्रशान्त महासागर, अरब सागर।
  • मूल्यवान पत्थर एवं रत्नों के नाम:- हीरा, पुखराज, नीलम, पन्ना, मोती, माणिक्य। अपवाद – मणि (स्त्रीलिंग)
  • शरीर के अंगों के नाम:- सिर, बाल, नाक, कान, दाँत, गाल, हाथ, पैर, अँगूठा, घुटना, टखना, नाख़ून, ओंठ, मुँह। अपवाद  गर्दन, जीभ, अंगुली,
  • देवताओं के नाम:- इन्द्र, यम, वरुण, ब्रह्मा, विष्णु, महेश।

स्त्रीलिंग

जिन संज्ञा शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है, वह स्त्रीलिंग होते हैं। जिन संज्ञा शब्दों के अंत में या की मात्रा आती हैं तो वह स्त्रीलिंग होते है। इसके अलावा कई शब्दों में ता, आस, आहट, आवट, आई, ई आदि प्रत्यय जोड़ने से वह स्त्रीलिंग शब्द बन जाते हैं उदाहरण –

  • तिथियों के नाम – प्रथमा, द्वितीय, एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा।
  • भाषाओँ के नाम – हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू।
  • लिपियों के नाम – देवनागिरी, रोमन, अरबी, फ़ारसी।
  • बोलियों के नाम – ब्रज, राजस्थानी, हरयाणवी, जयपुरी।
  • नदियों के नाम – गंगा, व्यास, सतलज।
  • नक्षत्रों के नाम – रोहिणी, अश्विनी, भरणी।
  • देवियों के नाम – दुर्गा, काली, उमा।
  • महिलाओं के नाम – कमला, विमला, ममता, राधा।
  • लताओं के नाम – अमर, बेल, मालती।

लिंग से संबंधित सवालों के जवाब

लिंग किसे कहते हैं ?

जिस संज्ञा वाचक से किसी वस्तु या व्यक्ति की जाति का पता चलता है, उसे लिंग कहते हैं। किसी भी वाक्य में लिंग का बोध होने से पुरुष जाति और स्त्री जाति का पता लगाया जाता हैं।

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लिंग कितने प्रकार के होते हैं ?

मूल रूप से लिंग दो प्रकार के होते है – स्त्रीलिंग और पुल्लिंग।

पुल्लिंग किसे कहते हैं उदाहरण सहित बताइए ?

जिन संज्ञा शब्दों से पुरुष वाचक का बोध हो, तो उसे पुल्लिंग कहते हैं। जैसे – लड़का, आदमी, पापा, आकाश, घोड़ा , शेर, दरवाजा, पंखा, भाई आदि।

द्विलिंगी शब्द किसे कहते हैं ?

यह शब्द जो स्त्रीलिंग और पुल्लिंग दोनों के लिए प्रयोग किए जाते हैं जैसे – प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, चित्रकार, पत्रकार, गवर्नर, वकील,डॉक्टर, प्रोफेसर, शिशु, मित्र, ग्राहक, प्रिंसिपल आदि।

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