मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड | Mukhyamantri Vatsalya Scheme

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Reported by Rohit Kumar

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उत्तराखंड सरकार के द्वारा कोविड महामारी से प्रभावित ऐसे बच्चों की सहायता करने के लिये मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुभारंभ की गयी है जिनके माता पिता की मृत्यु कोविड महामारी के कारण हुयी है। वात्सल्य योजना के अंतर्गत राज्य के उन सभी परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी जिनके परिवार के सदस्य की मृत्यु कोरोना महामारी के कारण हुई है। कोविड-19 के समय में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए उत्तराखंड सरकार के द्वारा यह सराहनीय कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत ऐसे निराश्रित और असहाय बच्चों के लिए Mukhyamantri Vatsalya Scheme शुरू की गयी है। निराश्रित बच्चों के साथ-साथ उन परिवारों को भी आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी जिनके परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है ,और उनके परिवार में सदस्य की मृत्यु हो जाने के पश्चात किसी भी प्रकार का कोई आय स्रोत नहीं है।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड - Mukhyamantri Vatsalya Scheme
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड – Mukhyamantri Vatsalya Scheme

आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी को साझा करेंगे। अतः योजना से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी हेतु हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें।

Uttrakhand Mukhyamantri Vatsalya Scheme

उत्तराखंड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से राज्य के उन सभी असहाय बच्चों को प्रदेश सरकार के द्वारा 3 हजार रुपए का भत्ता प्रतिमाह प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही बच्चों की 21 वर्ष की आयु तक शिक्षा एवं भरण पोषण का सभी खर्चा उत्तराखंड सरकार के द्वारा उठाया जायेगा। प्रदेश में इस योजना के तहत पंजीकृत 6219 बच्चों के खाते में ऑनलाइन 3 करोड़ 72 लाख 42 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं।

आर्थिक रूप से निर्धन बच्चों को अब अपने जीवन जीने के लिए किसी अन्य व्यक्ति का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। Uttrakhand Mukhyamantri Vatsalya Scheme की घोषणा सीएम तीरथ सिंह रावत जी के द्वारा 22 मई 2021 को की गयी है। योजना के माध्यम से बच्चों के पास जो पैतृक संपत्ति मौजूद है वह उनके वयस्क होने तक किसी भी व्यक्ति के द्वारा बेची नहीं जाएगी। इसकी देख रेख की जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार के द्वारा जिले के संबंधित जिलाधिकारी को सौपी गयी है। साथ ही ऐसे बच्चों को सरकारी नौकरी में पांच प्रतिशत तक आरक्षण प्रदान किया जायेगा।

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मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड

योजना का नाम मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड
राज्यउत्तराखंड
योजना की शुरुआतसीएम तीरथ सिंह रावत जी के द्वारा
लाभार्थीराज्य के वह नागरिक जिनके माता-पिता की
मृत्यु कोरोना महामारी के समय में हुई है।
उद्देश्यकोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों
को आर्थिक मदद प्रदान करना
लाभ21 वर्ष की आयु तक निशुल्क शिक्षा ,
एवं प्रतिमाह 3 हजार रूपए का भत्ता
योजना की घोषणा की तिथि22 मई 2021
वर्ष2024
पंजीकरणऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइटwecd.uk.gov.in

उत्तराखंड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना आवेदन कैसे करें ?

उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा कोविड महामारी के कारण अनाथ हो चुके बच्चों को चिन्हित करने के लिये जिला स्तर पर प्रोबेशन अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। ये अधिकारी जनपद स्तर पर ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के लिये आवश्यक दिशा निर्देश देने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही पात्र लाभार्थी अपने ग्राम प्रधान, स्थानीय जन प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के जरिये भी इस योजना में अपना नामांकन करके आवेदन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना आवेदन प्रपत्र

  • उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना में आवेदन करने के लिये निर्धारित आवेदन प्रपत्र जारी किया गया है।
  • आवेदन प्रपत्र डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें।
  • लाभार्थी इस फॉर्म को डाउनलोड कर लें और मांगी गयी सभी जानकारी दर्ज कर दें।
  • अपने माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र और मांगे गये अन्य दस्तावेज फॉर्म के साथ संलग्न करें।
  • आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिये अपने बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें और साथ ही पासबुक की फोटोकॉपी भी संलग्न कर दें।
  • इसके बाद आप जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर यह आवेदन प्रपत्र जमा कर दें।
  • इस प्रकार आप Mukhyamantri Vatsalya Yojana में आवेदन कर सकते हैं।
  • लाभार्थी अपना आवेदन ई मेल के जरिये भी जमा कर सकते हैं। साथ ही सरकार द्वारा विभिन्न जनपदों के लिये जारी हेल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करके भी योजना से सम्बन्धित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना आवेदन कैसे करें - Mukhyamantri vatsalya yojana uttarakhand apply online

योजना के उद्देश्य

Uttrakhand Mukhyamantri Vatsalya Scheme का मुख्य उद्देश्य है उन सभी बच्चों को आर्थिक मदद करना जो Covid-19 के चलते अपने माता- पिता को खो चुके है एवं उनके परिवार में उनकी देखभाल करने हेतु कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं है। इस योजना के तहत बच्चों के भरण-पोषण से लेकर शिक्षा से संबंधी सभी खर्चे सरकार के द्वारा उठाये जायेंगे। इसके साथ ही उन्हें सरकारी नौकरी पाने के लिए 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

इसके साथ ही ऐसे परिवारों को भी उत्तराखंड सरकार इस योजना से लाभान्वित करेगी जिनके परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य का निधन हुआ हो और इसके बाद उनके परिवार में आय अर्जित करने का कोई साधन उपलब्ध नहीं है। प्रतिमाह ऐसे बच्चों को सरकार के द्वारा 3 हजार रूपए की आर्थिक सहायता भत्ता राशि के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। समय-समय पर उत्तराखंड सरकार के द्वारा ऐसे बेसहारा बच्चों के लिए कई योजनाएं लागू की जाती है।

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वात्सल्य योजना के 6219 लाभार्थियों को ट्रांसफर की गई धनराशि

  • वर्तमान समय तक इस योजना में 6219 लाभार्थी पंजीकृत किये जा चुके हैं। जिन्हें हर महीने 3000 रूपये की सहायता धनराशि प्रदान की जाती है।
  • इस योजना के पंजीकृत लाभार्थियों को पिछले दो महीने से योजना का लाभ नहीं मिला पाया था।
  • इसके चलते महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के द्वारा 14 जून 2023 को योजना की दो किस्तें एक साथ 6,219 पंजीकृत लाभार्थियों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिये भेज दी गयी है।
  • बाल विकास मंत्री के द्वारा कुल 3 करोड़ 72 लाख 42 हजार रुपये ऑनलाईन माध्यम से लाभार्थियों को ट्रांसफर किये गये हैं।
मुख्यमंत्री-वात्सल्य-योजना

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना लाभ एवं विशेषताएं

  • Uttrakhand Mukhyamantri Vatsalya Scheme का लाभ “कमजोर वर्गों” विशेष रूप से वे बच्चे जिन्होंने COVID-19 के कारण माता-पिता को खो दिया उन्हें प्रदान किया जायेगा।
  • योजना के अंतर्गत ऐसे बेसहारा और असहाय बच्चों की देखरेख शिक्षा की व्यवस्था 21 वर्ष की आयु तक प्रदान की जाएगी।
  • इसके अतिरिक्त उत्तराखंड सरकार 21 वर्ष की आयु के बाद उन्हें रोजगार दिलाने में भी मदद करेगी।
  • Mukhyamantri Vatsalya Scheme के अंतर्गत बच्चों को 3 हजार रूपए की राशि प्रतिमाह भत्ता के रूप में प्रदान की जाएगी।
  • बेसहारा असहाय बच्चों के पास जो पैतृक संपत्ति है जब तक वह वयस्क नहीं हो जाते उसे बेचने का अधिकार किसी नागरिक को नहीं दिया जायेगा।
  • योजना के अंतर्गत बेसहारा बच्चों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जायेगा।
  • उन बच्चों को भी योजना के अंतर्गत 3 हजार रूपए भत्ता की राशि प्रदान की जाएगी जिनके पिता की मृत्यु के बाद उनके परिवार में आय का कोई साधन मौजूद नहीं है।
  • इसके साथ ही सरकारी नौकरी में उन्हें Mukhyamantri Vatsalya Scheme के तहत 5% का क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जायेगा।

Mukhyamantri Vatsalya Scheme Eligibity

  • उत्तराखंड मूल निवासी नागरिकों को इस योजना के लिए पात्र माना जायेगा जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी के समय में हुई है।
  • वह नागरिक भी योजना हेतु आवेदन के पात्र है जिनके परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु के बाद जीवन जीने के लिए किसी भी प्रकार का कोई साधन नहीं है।
  • यदि परिवार बेसहारा बच्चे के माता-पिता में से कोई सरकारी सेवा में कार्यरत थे तो वह इस योजना में आवेदन करने हेतु पात्र नहीं है।
  • आवेदन करने के लिए नागरिक के पास सभी आवश्यक दस्तावेज होने आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज

आवेदन हेतु मुख्य रूप से आवेदक व्यक्ति के पास नीचे दिए गए सभी दस्तावेज होने अनिवार्य है।

  • बच्चे की माता-पिता की कोरोना महामारी का मृत्यु का प्रमाण पत्र
  • आवेदक बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • बैंक पासबुक संबंधी विवरण

Mukhyamantri Vatsalya Scheme से संबंधित प्रश्न उत्तर

उत्तराखंड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा कब की गयी ?

22 मई 2021 को सीएम तीरथ सिंह रावत जी के द्वारा अपने ट्वीटर अकाउंट के माध्यम से Mukhyamantri Vatsalya Scheme की घोषणा की गयी।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत कौन से बच्चों को सहायता प्रदान की जाएगी ?

कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो देने वाले सभी बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी।

Mukhyamantri Vatsalya Scheme का लाभ लाभार्थी नागरिकों को कितने वर्ष की आयु तक प्राप्त होगा ?
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21 वर्ष की आयु तक Mukhyamantri Vatsalya Scheme के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा एवं जीवन निर्वाह हेतु भरण-पोषण की देखरेख उत्तराखंड सरकार के द्वारा की जाएगी।

योजना के अंतर्गत लाभार्थी नागरिकों को प्रतिमाह कितनी राशि प्रदान की जाएगी ?

Mukhyamantri Vatsalya Scheme के अंतर्गत प्रतिमाह लाभार्थी बच्चों को 3 हजार रूपए की राशि भत्ते के रूप में प्रदान की जाएगी।

क्या 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद नागरिकों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत रोजगार हेतु कोई सहायता प्रदान की जाएगी ?

हाँ 21 वर्ष की अवस्था पूर्ण करने के बाद लाभार्थी नागरिकों को सरकारी नौकरी हेतु 5 प्रतिशत तक क्षैतिज आरक्षण लेने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

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