रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास | Reliance industries history in hindi | सिर्फ 1000 रुपए से शुरू हुई थी Reliance

आज देश की सबसे बड़ी कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का नाम आता है। रिलायंस का नाम आज के समय में हर किसी को पता होगा। धीरूभाई अम्बानी द्वारा शुरू की गयी ये कंपनी आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करते हुए नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। हाल ही में Reliance Company ने 5G लॉन्च करने की शुरुआत की है। जिससे फिर से रिलायंस कंपनी आजकल सुर्खियां बटोर रही है। सभी देशवासियों को 5G लॉन्च होने पर इंटरनेट की पहले की अपेक्ष और तेज़ स्पीड प्राप्त होगी। बता दें की आज इस लेख में हम आप को रिलायंस कंपनी व रिलायंस इंडस्ट्रीज के इतिहास (Reliance industries history in hindi) के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें –

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड

Reliance industries history in hindi में जानने से पहले हम Reliance industries Limited के बारे में थोड़ा जान लेते हैं। जानकारी दे दें कि रिलायंस कंपनी भारत की सबसे बड़ी कंपनी और विश्व की शीर्षतम कंपनियों में से एक है। वर्तमान में इस कंपनी के मालिक हैं मुकेश अम्बानी जो कि इसके अध्यक्ष और एमडी हैं। मुकेश अम्बानी, रिलायन्स के संस्थापक धीरूभाई अम्बानी के ज्येष्ठ पुत्र (बड़े बेटे) हैं। जिन्होंने रिलायंस कंपनी को पिछले कुछ वर्षों में अपनी अथक मेहनत से एक नयी ऊंचाई पर पहुंचाया है। और साथ ही विश्व स्तर पर अम्बानी ग्रुप/ रिलायंस ग्रुप की अलग पहचान बनाई है।

Reliance industries का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। जैसे की आप जानते हैं कि रिलायंस पूरे भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार संचालित करती है। इन क्षेत्रों में भारत के ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, कपड़ा, प्राकृतिक संसाधन, खुदरा और दूरसंचार के क्षेत्र शामिल हैं। रिलायंस को भारत की सभी कंपनियों में सबसे अधिक सफल और लाभ कमाने वाली कंपनी के रूप में जाना जाता है। साथ ही रिलायंस कंपनी का नाम बाजार पूंजीकरण के आधार पर देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से कार्य करने वाली कंपनी के तौर पर भी लिया जाता है। इसके अलावा भी राजस्व के आधार पर भी ये देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

Reliance industries history in hindi
रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास

सिर्फ 1000 रुपए से शुरू हुई थी Reliance (रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास)

बताया जाता है कि Reliance industries की शुरुआत सिर्फ एक हजार रूपए के निवेश के साथ हुई थी। और इसमें एक कर्मचारी ही था। जबकि वर्तमान समय में देखें तो लगभग 2.5 लाख कर्मचारी रिलायंस इंडस्ट्रीज में कार्य करते हैं। और कंपनी की शुरुआत में निवेश किये गए 1000 रूपए में हो चूका है। आज ये कारोबार देश के 28 हजार से भी अधिक शहरों में पहुँच चूका है और यही नहीं 4 लाख गाँव से भी अधिक गाँव में आज ये कारोबार फल फूल रहा है।

व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp

Reliance Industries आज के समय में 2,36,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ भारत में दसवां सबसे बड़ा नियोक्ता है। साल 2022 में फॉर्च्यून ग्लोबल 500 लिस्ट (Fortune Global 500 List) में कंपनी को विश्व के सबसे बड़े कारपोरेशन की सूची में 104 वां स्थान प्राप्त हुआ है । इससे पहले भी रिलायंस इंडस्ट्रीज वर्ष 22 जून 2020 को बाजार पूंजीकरण में $ 150 बिलियन से अधिक पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गयी थी। बीएसई पर बाजार पूंजीकरण, 11,43,667 करोड़ को पार करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज को ये तमगा मिला था।

यह भी पढ़े :- Physics wala 1000 के बोर्ड से लेकर 8000 करोड़ की यूनिकॉर्न कंपनी तक का सफर

रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास

आइये अब जानते हैं Reliance Industries के इतिहास के बारे में –

रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत हुई थी वर्ष 1960 में। और इसकी शुरुआत रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन के रूप में हुई थी। धीरू भाई अम्बानी के साथ चंपकलाल दमानी द्वारा मिलकर इसकी नींव रखी गयी थी। हालाँकि ये साझेदारी वर्ष 1965 में समाप्त हो गयी और धीरू भाई अम्बानी, जिनका पूरा नाम धीरज लाल हीरालाल अम्बानी था, उन्होंने पॉलीस्टर का ये कारोबार आगे भी जारी रखा। वर्ष 1966 में रिलायंस टेक्सटाइल्स इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड में शामिल कर लिया गया। जो कि आगे चलकर 8 मई 1987 में Reliance Industries Limited के नाम से जाना जाने लगा।

वर्ष 1975 में कंपनी द्वारा वस्त्र उद्योग की शुरुआत की गयी जिसका प्रमुख ब्रांड बना – विमल। वर्ष 1977 में कंपनी द्वारा पहली सार्वजानिक पेशकश (IPO) की गयी। बताते हैं की इस समय उनके 58000 (58 हजार) से भी जयादा निवेशक थे। 1979 में इस कंपनी ने एक कपड़ा कंपनी जिस का नाम सिद्धपुर मिल्स कंपनी था उसके साथ सम्मिलित हो गयी। 1980 में कंपनी द्वारा E. I. du, यू.एस. के साथ वित्तीय और तकनीकी सहयोग के साथ पातालगंगा, रायगढ़, महाराष्ट्र में एक पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न प्लांट की स्थापना की। जिस से पॉलीस्टर यार्न कारोबार का विकास और विस्तार जारी रहा। अब आगे जानिए कि कैसे इस कंपनी ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना अधिपत्य जमाया।

  • साल 1985 में रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड से बदल दिया गया और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड हो गया।
  • 1985 से लेकर 1992 तक कम्पनी ने पॉलिएस्टर यार्न के उत्पादन की क्षमता का निरंतर विस्तार किया और हर साल 1 लाख 45 हजार टन से भी अधिक का उत्पादन किया।
  • 1991-92 में हजीरा पेट्रोकेमिकल प्लांट को शुरू कर दिया गया।
  • इसके बाद अगले साल, वर्ष 1993 में कंपनी ने रिलायंस पेट्रोलियम के वैश्विक डिपॉजिटरी इश्यू के जरिये फण्ड हेतु विदेशी पूँजी बाजार की तरफ रख किया।
  • इसके तीन वर्ष बाद यानी वर्ष 1996 में रिलायंस कंपनी को भारत की प्रथम निजी क्षेत्र (First Private Company) की कंपनी बन गयी। और ये अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा रेट की गयी थी।
  • रिलायंस कंपनी ने NYNEX, USA के साथ वर्ष 1995 और 1996 में संयुक्त उद्यम के तौर पर दूरसंचार उद्योग में शुरुआत की। जिसके बाद भारत में Reliance Telecom Private Limited को बढ़ावा दिया।
  • 1998 और 1999 में रिलायंस कंपनी ने एक और क्षेत्र में नयी शुरआत की थी। इस बार कंपनी द्वारा Reliance Gas के ब्रांड नाम के साथ 15 किलो के सिलेंडर में Packaged Liquefied petroleum gas को बाजार में उतारा।
  • इसके बाद वर्ष 1998 – 2000 के मध्य ही Integrated Petrochemical Complex की स्थापना की, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी के नाम से जाना जाता है। ये गुजरात के जामनगर में स्थित है।

यहाँ जानिए अभी तक रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिले पुरस्कार और सम्मान

1994 से 1997 तककंपनी ने पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार जीता
वर्ष 2000 कंपनी को इंडस्ट्री वीक पत्रिका द्वारा वर्ष 2000 के लिए दुनिया की 100 सबसे कामयाब कंपनियों में से एक के रूप में चयनित किया गया।
2009 मेंबोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) ने दशक भर में निवेशकों को सबसे अधिक मुनाफ़े देने वाली 25 शीर्ष कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी ‘स्थायी मूल्य निर्माता’ के रूप में नामित किया।
2011 मेंआरआईएल को कॉर्पोरेट संपोषणीयता के क्षेत्र में योगदान के लिए राष्ट्रीय गोल्डन पीकॉक अवार्ड से सम्मानित किया गया।
मार्च 2012 मेंआरआईएल को अमेरिकी रसायन विज्ञान परिषद द्वारा ‘रेस्पोंसिबल केयर कंपनी’ के रूप में प्रमाणित किया गया।
2012 मेंआई॰सी॰आई॰एस द्वारा तैयार की गयी शीर्ष 100 रसायन कंपनियों की सूची में आरआईएल को बिक्री के आधार पर, दुनिया भर में 25वें स्थान मिला
2013 मेंहार्ट एनर्जी के 27वें विश्व रिफाइनिंग एवं ईंधन सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय रिफाइनर ऑफ़ द ईयर। कम्पनी को जामनगर रिफाइनरी के लिए यह पुरस्कार दूसरी बार प्राप्त हुआ है; इससे पहले वर्ष 2005 में पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
2013 में ब्रांड फाइनेंस द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, रिलायंस भारत का दूसरा सबसे मूल्यवान ब्रांड है।
2013 मेंब्रांड ट्रस्ट रिपोर्ट, रिलायंस को भारत की 7वीं सबसे विश्वसनीय ब्रांड का स्थान मिला।

प्रबंधकों के लिए पुरस्कार

इस सूची के अंतरगत प्रबंधकों के लिए मिलने वाले पुरस्कार के बारे में जानकारी देंगे। बता दें की मुकेश अम्बानी को अभी तक विभिन्न सम्मान मिल चुके हैं।

  • मुकेश अंबानी को (Mukesh D. Ambani) को ग्लोबल विज़न 2007 (Global Vision 2007) के लिए United States of America- India Business Council (USIBC) Leadership Award प्रदान किया गया था। ये सम्मान उन्हें जुलाई 2007 में वॉशिंगटन में प्रदान किया था।
  • Mukesh D. Ambani को मई 2004 में एशिया सोसाइटी, वाशिंगटन, अमरीका द्वारा Asia Society Leadership Award प्रदान किया गया।
  • Fortune Magazine द्वारा अगस्त, 2004 में प्रकाशित Asia’s Power 25 लिस्ट ऑफ़ द मोस्ट पावरफुल पीपल इन बिज़नेस में मुकेश अंबानी ने 13वां स्थान प्राप्त किया।
  • मुकेश अंबानी Economics’ times Business Leader of the Year का भी अवार्ड जीत चुके हैं।
  • Mukesh Ambani को Reader’s Digest magazine के भारतीय संस्करण द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 2010 की शुरुआत में, भारत के 74वें सबसे विश्वसनीय व्यक्ति के रूप में नामित किया गया।

Reliance industries history/ रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

रिलायंस इंडस्ट्री की शुरुआत कैसे हुई?

Reliance Industry की शुरुआत सन 1960 में हुई थी। इस कंपनी की स्थापना धीरूभाई अंबानी और चंपकलाल दमानी द्वारा की गयी थी। इसे रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन (Reliance Commercial Corporation) के रूप में स्थापित किया गया था। 1965 में इन दोनों के बीच की साझेदारी ख़त्म हो गई। हालाँकि धीरूभाई, फर्म के पॉलिएस्टर व्यवसाय को आगे बढ़ाते रहे। इसके बाद सन 1966 को रिलायंस टेक्सटाइल्स इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड महाराष्ट्र में शामिल किया गया।

व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें WhatsApp

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना कब हुई थी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना 8 मई 1973 को महाराष्ट्र में हुई थी।

रिलायंस का मतलब क्या होता है?

एक शब्द में इसका अर्थ (Meaning in Hindi) होता है – बहिर्मुखी। इसके अतिरिक्त इसका अर्थ होगा – आत्‍मविश्‍वासी व उत्‍साह से परिपूर्ण व्‍यक्ति जिसे अकेलेपन के बजाए साथियों के बीच रहना अधिक पसंद होता है।

रिलायंस पेट्रोल पंप का मालिक कौन है?

Reliance Petrol Pump के मालिक मुकेश अम्बानी हैं।

जियो फोन की कंपनी किसकी है?

जिओ कंपनी का मुख्य कार्यालय महाराष्ट्र के न्यू मुंबई में स्थित है और इसके मालिकाना हक़ मुकेश अम्बानी के पास हैं।

रिलायंस मेडिकल का मालिक कौन है?

भारतीय व्यवसायी अनिल अंबानी, मुकेश अम्बानी के भाई कर रहे हैं। रिलायंस हेल्थ रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की एक सहायक संस्था है। संगठन समूह के स्वास्थ्य देखभाल घटक की देखभाल करता है। संगठन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी अनिल अम्बानी है।

आज इस लेख में हमने आप को रिलायंस इंडस्ट्रीज का इतिहास के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आप को ये जानकारी पसंद आयी होगी। यदि आप ऐसे ही अन्य लेखों को पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारे वेबसाइट Hindi NVSHQ से जुड़ सकते हैं।

Photo of author

Leave a Comment