(Alakh Pandey) Physics wala 1000 के बोर्ड से लेकर 8000 करोड़ की यूनिकॉर्न कंपनी तक का सफर

आज बात करेंगे फिज़िक्स वाला यानी एक ऐसे एजुकेशन स्टार्टअप की, जिसने हाल ही में ए सीरीज फंडिंग के जरिए निवेशकों से 100 मिलियन डॉलर जुटाकर यूनिकॉर्न बनने तक का सफर पूरा किया है। इस कंपनी ने 100 मिलियन डॉलर यानी 770 करोड़ रूपए जुटाने के बाद अपनी वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर के पार पहुंचा ... Read more

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Reported by Rohit Kumar

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आज बात करेंगे फिज़िक्स वाला यानी एक ऐसे एजुकेशन स्टार्टअप की, जिसने हाल ही में ए सीरीज फंडिंग के जरिए निवेशकों से 100 मिलियन डॉलर जुटाकर यूनिकॉर्न बनने तक का सफर पूरा किया है। इस कंपनी ने 100 मिलियन डॉलर यानी 770 करोड़ रूपए जुटाने के बाद अपनी वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर के पार पहुंचा दी है.

(Alakh Pandey) Physics wala 1000 के बोर्ड से लेकर 8000 करोड़ की यूनिकॉर्न कंपनी तक का सफर
Biography of Alakh Pandey

जिससे Physics wallah नाम से जाना जाने वाला ये स्टार्टअप अब 8000 करोड़ रूपए की यूनिकॉर्न कंपनी की फेहरिश्त में शामिल हो चुकी है। इस कंपनी (Physics wallah) के संस्थापक और सीईओ हैं – Alakh Pandey. जिन्होंने वर्षों तक निरंतर अपने ईंमानदार प्रयासों से इस स्टार्टअप को इतनी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

Alakh Pandey Physics Wallah

अलख पांडेय (Alakh Pandey) एक ऐसे शख़्स हैं जिनकी कंपनी या यूँ कहें की उनके एजुकेशन स्टार्ट अप को हाल ही में यूनिकॉर्न का दर्जा मिला है। अलख पांडेय को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पढ़ाने के लिए जाना जाता है। अपने पढ़ाने के अंदाज को लेकर वो अपने स्टूडेंट्स में काफी प्रचलित हैं।

सभी छात्र उनके पढ़ाने के तरीके को पसंद करते हैं और यही वजह है की आज सब जगह Physics Wallah की ही चर्चा है। और Physics Wallah भारत का 101वां यूनिकॉर्न बन गया। बता दें की ये कंपनी पहली एडटेक कंपनी होगी जिसे सीरीज ए फंडिंग के जरिए ही आज यूनिकॉर्न कंपनियों में शामिल होने का मौका मिला है।

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उन्हें शुरू से ही पढ़ाना का बहुत पसंद था। जिसे उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य भी बना लिया। आज वो लाखों बच्चों को Competitive परीक्षा के लिए तैयार करते हैं। एक समय था जब उन्हें हर महीने पढ़ाने पर 5000 रूपए की कमाई ही होती थी लेकिन आज वही कंपनी 1.1 करोड़ की बन चुकी है।

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अलख पांडेय (Alakh Pandey) का बचपन

Alakh Pandey मूल रूप से प्रयागराज (तत्कालीन इलाहबाद ) के रहने वाले हैं। उनके परिवार में उनके माता पिता ( पिता सतीश पांडेय और माता रजत पांडेय ) और एक बहन – अदिति हैं। पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। एक समय ऐसा भी आया जब उनके माता -पिता को अपने दोनों बच्चों यानी अलख और बेटी अदिति को पढ़ाने के लिए अपना घर तक बेचना पड़ गया था। बावजूद ऐसी परिस्थितियों के Alakh Pandey शुरू से ही पढ़ने में बहुत ही अच्छे थे।

उनकी शुरुआती स्कूली पढ़ाई प्रयागराज से ही विशप जॉनसन स्कूल से हुई थी। बताते चलें कि उन्हें हाईस्कूल में 91% और 12वीं में 93.5% अंक मिले थे। धीरे -धीरे घर की आर्थिक स्थिति को समझते हुए उन्होंने स्कूल के समय से ही अपने से छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरु कर दिया था। कुछ समय बाद Alakh Pandey ने एक कोचिंग में 3 हजार रुपये महीने में पढ़ाना शुरू कर दिया था।

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ऐसे थे उनके शुरूआती साल

बात करें उनकी शुरूआती सालों की तो हम उनके स्कूल के समय से ही शुरू कर सकते हैं , जब उन्होंने परिवार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए मदद के लिए छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरु किया था। उन्हें टीचिंग में पहले ही रूचि थी और फिर बच्चों को पढ़ाते पढ़ाते टीचिंग से और लगाव हो गया।

यही वजह थी की उन्होंने टीचिंग को ही आगे चलकर अपना करियर बना लिया। हालंकि इसे उन्होंने अपनी आय का जरिया बनाने के बावजूद इसे सभी विद्यार्थियों की पहुँच में रखा। जिससे कम फीस में अधिक से अधिक छात्रों को लाभ मिल सके।

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एक इंटरव्यू में Alakh Pandey ने बताते हैं की उन्हें एक्टिंग के क्षेत्र में काफी इंट्रेस्ट था लेकिन समय के साथ साथ जब उन्हें घर की आर्थिक स्थिति की समझ हुई तो उन्होंने कक्षा 8वीं में पढ़ते हुए ही बच्चों को ट्यूशन देना शुरू किया। उस वक्त वो जरुरत थी लेकिन आज ये उनका शौक और उनका पैशन है। उनका कहना है की आज उन्हें टीचिंग में ही मज़ा आता है।

अलख पाण्डेय

इंजीनियरिंग छोड़ शुरू किया पढ़ाना

Alakh Pandey ने 12वीं पूरी करने के बाद इंजिनीरिंग में एडमिशन लिया था। इंजिनीरिंग करने के लिए उनके पिता ने लोन भी लिया था, हालाँकि Alakh Pandey ने अपनी इंजिनीरिंग के कोर्स को पूरा नहीं किया और तीसरे वर्ष में ही अपनी पढ़ाई छोड़ वापस प्रयागराज आकर कोचिंग में फिजिक्स पढ़ाने लग गए।

ट्यूशन और कोचिंग में पढ़ाना उनका हमेशा की तरह जारी था, जिससे उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी होती थी। उन्हें उस दौरान किसी कोचिंग संस्थान में एडमिशन नहीं मिला क्यूंकि वो खुद पढ़ने के लिए इतनी फीस नहीं अफोर्ड कर सकते थे।

इसलिए अपनी इंजिनीरिंग की पढ़ाई छोड़ उन्होंने कोचिंग में पढ़ाना शुरू कर दिया। उनकी पढाई से प्रभावित होकर कोचिंग के संस्थापक ने उन्हें यूट्यूब चैनल शुरू करने की सलाह दी। जिस के बाद उन्होंने (Alakh Pandey) ने वर्ष 2015 में फिजिक्सवाला नाम से अपना यूट्यूब चैनल की शुरुआत की।

हालांकि उन्हें इस में शुरू में कोई ख़ास सफलता हाथ नहीं लगी। बावजूद इसके वो लगातार इसके लिए लगे रहे और फिर वर्ष 2017 में उन्होंने पूरी तरह से यूट्यूब पर विद्यार्थियों को पढ़ना शुरू किया। इस में उनके साथ आईआईटी बीएचयू से इंजिनीरिंग किये हुए प्रतीक माहेश्वरी भी पढ़ाने लगे।

साल 2020 में कोरोना के समय लगे लॉक डाउन में नीट और जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इसका बहुत लाभ हुआ साथ ही यूट्यूब चैनल भी काफी प्रसिद्द हुआ। इसी साल अलख पांडेय ने प्रतीक माहेश्वरी के साथ मिलकर फिजिक्सवाला प्राइवेट लिमिटेड के रूप में बतौर कंपनी रजिस्टर कर लिया।

उन्होंने बताया की उनकी इस कंपनी की सफलता के पीछे उनके छात्रों का हाथ है। ऐसा इसलिए क्यूंकि अभी तक जो भी स्टूडेंट्स उनको सलाह देते रहे हैं उन्हें पूरा करने की कोशिश भी जारी रही है। और ऐसा करने से उनका चैनल दिन प्रतिदिन और बेहतर होता रहा। वो आज भी छात्रों की जरूरतों के अनुसार अपने पढ़ाने के तरीके व अन्य बातों में बदलाव करते रहे हैं।

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ठुकराया 75 करोड़ का ऑफर

कुछ समय बाद बच्चों ( विद्यार्थियों की ) मांग पर और उनकी जरुरत को समझते हुए Alakh Pandey ने इसकी एप्प भी लांच की। चैनल की पॉपुलैरिटी इतनी थी की कम से कम 50 लाख से भी ऊपर लोगों ने एप्लीकेशन डाउनलोड की। इस पॉपुलैरिटी का ही नतीजा था की कोचिंग वर्ल्ड में प्रचलित कंपनियों में से एक ने बढ़ते कम्पटीशन के चलते Alakh Pandey को 75 करोड़ सालाना का पैकेज ऑफर किया। जिसे उन्होंने मना कर दिया। ये कंपनी थी unacademy .

जहाँ एक और अनेकेडमी और Byju’s लाखों रूपए के पैकेज में तैयारी करवा रही थी, वहीँ फिजिक्सवाला सिर्फ 999 रूपए के पैकेज में विद्यार्थियों की तैयारी पूरी करवा रहे थे। इसी वजह से उन्हें (Alakh Pandey) ये ऑफर दिया गया था , जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य देश के उन वंचित समुदाय के विद्यार्थियों तक इस सुविधा को पहुँचाना है जिन्हे आर्थिक तंगी के चलते तैयारी करने का अवसर नहीं मिलता।

आज Alakh Pandey की कंपनी उन लाभदायक स्टार्टअप कंपनियों में से है, जिसमें वर्तमान में 6 मिलियन से अधिक छात्रों, 1500 से अधिक टीचर्स और 350 करोड़ रुपए की आय वाली एजुकेशन स्टार्टअप में शामिल है। Alakh Pandey बताते हैं की वो इन फंड्स का इस्तेमाल कारोबार का विस्तार , ब्रांडिंग अधिक पीडब्ल्यू ऑफलाइन केंद्र खोलने और अन्य स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए करेंगे।

Alakh Pandey Physics wala FAQ’s

Physics wala का असली नाम क्या है ?

Physics wala का असली नाम Alakh Pandey है। फिजिक्स वाला उनकी कंपनी का नाम है।

Alakh Pandey कहाँ के रहने वाले हैं ?

Alakh Pandey प्रयागराज के रहने वाले हैं।

Physics wala की शुरुआत कब से हुई ?

Physics wala की शुरुआत 2015 से हुई एक यूट्यूब चैनल क्र रूप में।

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