आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) | Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana

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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना देश में बढ़ रही बेरोजगारी को कम करने व रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लायी गयी है। इस योजना की शुरुआत 12 नवंबर 2020 में की गयी थी। Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana संगठित क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर बढ़ाने के लिए लायी गयी है। इस योजना से अभी तक 16.49 लाख लोगों को पंजीकृत किया जा चुका है। कोरोना काल में हुई रोजगार सम्बन्धी समस्याओं को कम करने और रोजगार के अवसर को बढ़ाने में इस योजना से बहुत लाभ होगा। ये योजना 2 वर्षों की अवधि के लिए है।

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana के अंतरगत भारत सरकार उन सभी कर्मचारियों को सब्सिडी प्रदान करेगी जिनकी 1 अक्टूबर 2020 से लेकर 30 जून 2021 के बीच नियुक्ति हुई है। ये सब्सिडी दो साल तक के लिए मिलेगी। वो रोज़गार प्रदाता संगठन जिनके यहाँ 1000 कर्मचारी हैं , उन्हें केंद्र सरकार द्वारा 12 प्रतिशत कर्मचारी योगदान और 12 प्रतिशत नियोक्ता योगदान दोनों को ही वेतन भत्तों का 24 प्रतिशत ईपीएफ में दो वर्षों तक योगदान देगी। जिन कंपनियों में 1000 से ज्यादा कर्मचारियों रोजगार मिला है उन्हें हर एक कर्मचारियों के 12 प्रतिशत का ही अंशदान करेगी। ये भी 2 वर्षों की अवधी के लिए ही मान्य होगा।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) | Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) | Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana (एबीआरवाई) Highlights

योजना का नाम आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना
आरम्भ की गयीनिर्मला सीतारमण जी (वित्त /केंद्रीय मंत्री )
विभागकेंद्रीय मंत्रालय / वित्त मंत्रालय
लाभार्थीएक अक्‍टूबर 2020 को या उसके बाद
और 31 मार्च, 2022 तक के सभी नए कर्मचारी
उद्देश्यरोजगार के नए अवसर प्रदान करना व
आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना।
योजना की अवधि 2 वर्ष
आधिकारिक वेबसाइटepfindia.gov.in

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का उद्देश्य

भारत रोजगार योजना देश में रोजगार के अवसर को बढ़ाने और कोरोना काल में आर्थिक संकट से निकलने के लिए किया गया प्रयास है। इस से न केवल बेरोजगारी कम होगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी। साथ ही वो लोग जो कोरोना महामारी की वजह से अपना रोजगार और नौकरी गँवा चुके हैं , उनके लिए भी नयी राह खुलेगी। इन्ही सब कारणों को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस योजना की घोषणा की गयी है।

अपडेट – आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का version 3.0 की शुरुआत कर दी गयी है। इस की घोषणा वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान की गयी थी। उन्होंने बताया की आत्मनिर्भर भारत पैकेज version 3.0 के तहत इस योजना का विस्तार 31 मार्च 2022 तक कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत मानव पूँजी को विकसित करना , नवाचार अनुसन्धान एवं विकास , किसानों की आय दोगुनी करना। भौतिक और वित्तीय पूँजी और बुनियादी ढांचा मजबूत करना , सुशाषन, युवाओं के लिए अवसर , महिला सशक्तिकरण आदि पक्षों पर ध्यान दिया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 के तहत देश के आर्थिक ढांचा सुधारने का पुरजोर प्रयास किया जाएगा।

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य :

  • सरकार का मानना है कि आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना से 58.5 लाख कर्मचारियों का फायदा होगा।
  • इस योजना की शुरुआत नए रोजगार के अवसर बनाना और कोरोना महामारी के दौरान हुए रोजगार के नुक्सान की भरपाई को प्रोत्साहित करने के लिए किया था।
  • भारत रोजगार योजना से न केवल नए रोजगार के सृजन करने को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सीधे उद्योगों के रूप में उन्हें वित्तीय मदद भी मिलेगी।
  • इस योजना के तहत उन कर्मचरियों को चुना जाएगा जिनकी मासिक आय 15000 से कम है। इस तरह से आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों के उत्थान में भी इस योजना का लाभ होगा।
  • मौजूदा वित्त वर्ष में इस योजना में 1584 करोड़ रूपए खर्च। होंगे और वर्ष 2020 -2023 तक 22810 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।
  • इस योजना के तहत ईपीएफओ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भुगतान करेगा जो की कर्मचारियों के आधार संख्या से जुड़े खातों में होगी। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया जाएगा जो कि पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने में सहायक होगा।
  • आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत उन ईपीएफ खाताधारी कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो कोरोना महामारी के दौरान नौकरी से निकाल दिया गया था और 1 अक्टूबर 2020 या उसके बाद फिर से नियुक्त हुए हैं।
  • कोरोना महामारी के दौरान रोजगार का सृजन करने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लायी गयी थी। इसके तहत सरकार 12 प्रतिशत ईपीएफ में अंशदान दे रही थी। जिस से तकरीबन 1.21 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं.
  • ऑर्गेनाइज सेक्टर में पहले लगभग 6 करोड़ मज़दूर थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 10 करोड़ हो गयी है।
  • आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के अंतर्गत वो संस्थाएं जिनमे 1000 या उस से कम कर्मचारी हैं उन्हें 24 % ईपीएफ अंशदान सरकार देगी।
  • जिन संस्थाओं में 1000 से ज्यादा कर्मचारी हैं उन्हें सरकार 12% ईपीएफ अंशदान देगी।
  • ऐसे ही 50 से कम कर्मचारियों वाले संस्थान को कम से कम 2 नयी नियुक्ति करनी होंगी और 50 से अधिक वाले संस्थान को कम से कम 5 नयी नियुक्तियां करने पर इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • अगर कोरोना महामारी के दौरान निकाले हुए कर्मचारियों को संस्थान वापस लेते हैं तो उन्हें भी 12 % या 24 % तक ईपीएफ की वेतन सब्सिडी दी जाएगी।
  • सरकार द्वारा 2 वर्षों में 10 लाख नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसा सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सहायता से करेगी।

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आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना से लाभ

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana देश की बेरोज़गारी को कम करने के लिए लाया गया था। देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए ये आवश्यक है की रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जाए। इस योजना से सम्बंधित ऐसे ही कुछ और लाभप्रद तथ्यों के बारे में हम आगे अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बता रहे हैं। कृपया जानने के लिए आगे पढ़ते रहे।

  • इस योजना आत्मनिर्भर भारत लोन योजना से होने वाला सबसे बड़ा लाभ यही है कि इस से रोजगार के अवसर खुलेंगे। और देश के बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • रोजगार के अवसर बढ़ने से न केवल बेरोजगारी कम होगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी।
  • कोरोना महामारी के चलते देश में बहुत लोगों को अपनी नौकरी व रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। जिसके चलते उनकी आजीविका का साधन भी ख़तम हो गया। इस योजना से उन लोगों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
  • बेरोजगारी के चलते अपनी मूलभूत सुविधाओं की पूर्ती न कर पाने से युवाओं में बढ़ते रोष और आपराधिक प्रवृत्ति से भी निजात मिलेगी ।
  • ऐसे संस्थान जो ईपीएफओ में पंजीकृत हैं उनके रोजगार के नए अवसर प्रदान करने पर उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • इस योजना से नए रोजगार प्रदान करने वाले संस्था और उनके नव नियुक्त कर्मचारी दोनों को ही लाभ होगा। इस योजना के अंतर्गत रोजगार प्रदान करने वाले संस्था और उनके नव नियुक्त कर्मचारी दोनों को ही लाभ होगा। कंपनी या संस्था का ईपीएफओ में पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • सरकार द्वारा चलायी गयी ये योजना (आत्मनिर्भर भारत लोन योजना ) 2 वर्षों के लिए है। इस से सरकार नए रोजगारों को बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना के अंतर्गत उनकी मदद करेगी।

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana की पात्रता

इस योजना के अंतरगत लाभ प्राप्त करने के लिए व्यक्ति या किसी संस्थान को भारत रोजगार योजना के पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो इन से सम्बंधित पात्रता शर्तों के बारे में जान लें।

  • वो कर्मचारी जिसकी मासिक आय 15000 रु से कम हो और 1 अक्टूबर 2020 से पहले किसी ऐसे संस्थान जोकि ईपीएफओ से पंजीकृत हो , से न जुड़ा हुआ हो। उसका कोई यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या ईपीएफ मेंबर अकाउंट नंबर 1 अक्टूबर 2020 से पहले न हो। वो व्यक्ति ही इस सुविधा का पात्र माना जाएगा।
  • कोई भी ईपीएफओ सदस्य जिसके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो और जिसका वेतन 15000 से कम हो। उस व्यक्ति का रोजगार कोविड महामारी के दौरान छूट गया हो (1 मार्च से लेकर 30 सितम्बर के बीच ) और उसने 30 सितम्बर तक किसी भी ऐसे संस्थान में ज्वाइन न किया हो जो ईपीएफ में पंजीकृत हो। वो व्यक्ति भी इस योजना का लाभार्थी बन सकता है।
  • वो संस्थान जहाँ 50 कर्मचारी हैं वहाँ 2 लोगों को नौकरी देने पर संस्थान इस योजना का लाभ लेने की पात्रता रखता है।
  • जिस संस्थान में कर्मचारियों की संख्या 50 से अधिक हैं वहां कम से कम 5 कर्मचारयों की नयी नियुक्ति होती है तो वो संस्थान भी इस योजना का लाभार्थी बनने की योग्यता रखता है।

भारत रोज़गार योजना के दस्तावेज़

एबीआरवाई के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पंजीकरण की आवश्यकता होगी। साथ ही कुछ जरुरी दस्तावेज़ो को भी संलग्न करना होगा। हम यहाँ पर इन्ही दस्तावेज़ों की जानकारी दे रहे हैं। कृपया जानने के लिए आगे पढ़ते रहे।

  • प्रतिष्ठानों को पोर्टल पर पंजीकरण के लिए फॉर्म 5 ए को अपडेट करना होगा और नए कर्मचारियों की सन्दर्भ आधार पर घोषणा करनी होगी।
  • कर्मचारियों का आधार कार्ड /संख्या
  • बैंक ख़ाता

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया

अगर कोई संस्था ,कंपनी या व्यक्ति इस योजना के तहत लाभ उठाना चाहता है तो सबसे पहले “एम्प्लाइज प्रोविडेंट फण्ड आर्गेनाईजेशन” ईपीएफओ के अंतर्गत अपना पंजीकरण करवाना होगा। आगे हम पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में बता रहे हैं।

एम्प्लॉयर्स के लिए पंजीकरण प्रक्रिया

  • सबसे पहले पंजीकरण के लिए आपको ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके लिए आप यहाँ दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट तक जाने के लिए आप इस यूआरएल का इस्तेमाल करें। www.epfindia.gov.in
  • अब आपके सामने होम पेज खुल जाएगा।
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  • यहाँ पर आपको सामने दिए विकल्पों में से “सर्विसेज ” पर क्लिक करना है।
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  • क्लिक करते ही सामने कुछ और विकल्प खुलेंगे , जिनमे से आपको “for employers ” पर क्लिक करना है। aatmnirbhar-bharat-rojgaar-yojana
  • “फॉर एम्प्लॉयर्स ” पर क्लिक करते ही आपके सामने अब नया पेज खुल जाएगा।
  • यहां इस पेज पर नीचे दिए “सर्विसेज ” के अंतर्गत दिए गए “ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इस्टैब्लिशमेंट ” पर क्लिक करना है।
    भारत-रोजगार-योजना
  • अब आपके सामने “श्रम सुविधा पोर्टल ” नाम से अगला पेज खुल जाएगा।
    आत्मनिर्भर-भारत-योजना
  • यहाँ आप देख सकते हैं कि जो पहले से पंजीकृत हैं वो यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ यहाँ से लॉगिन कर सकते हैं।
  • अगर आपका पंजीकरण नहीं हुआ है तो आप पंजीकृत होने के लिए “साइन अप ” पर क्लिक करें।
    भारत-आत्मनिर्भर-रोजगार-योजना
  • अब आपको पूछी गयी जानकारी भरनी है। जैसे कि आपका नाम , मोबाइल नंबर , ईमेल आईडी इत्यादि।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आप साइन अप पर क्लिक कर दें।
  • आप की पंजीकरण की प्रक्रिया यहाँ पर पूरी होती है।

एबीआरवाई से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

आत्मनिर्भर भारत रोज़गार योजना का उद्देश्य क्या है ?

इस योजना का उद्देश्य नए नौकरियों का सृजन करना और रोजगार के अवसरों को बढाकर बेरोजगारी को कम करना है। साथ ही जिन लोगो की कोरोना महामारी के दौरान नौकरियां गयी है उन लोगो को फिर से रोजगार प्रदान कराना इस योजना का उद्देश्य है।

भारत रोजगार योजना का लाभ लेने के लिए कब तक पंजीकरण कर सकते हैं ?

इस योजना के तहत अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2022 तक पंजीकरण किया जा सकता है।

इस योजना का लाभ किन व्यक्तियों को मिल सकता है ?

इस योजना का लाभ नीचे दी गयी शर्तों को पूरा करने वाला व्यक्ति ही ले सकता है।
वो कर्मचारी जिसकी मासिक आय 15000 रु से कम हो और 1 अक्टूबर 2020 से पहले किसी ऐसे संस्थान जोकि ईपीएफओ से पंजीकृत हो , से न जुड़ा हुआ हो। उसका कोई यूनिवर्सल अकाउंट नंबर या ईपीएफ मेंबर अकाउंट नंबर 1 अक्टूबर 2020 से पहले न हो। वो व्यक्ति ही इस सुविधा का पात्र माना जाएगा।
कोई भी ईपीएफओ सदस्य जिसके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो और जिसका वेतन 15000 से कम हो। उस व्यक्ति का रोजगार कोविड महामारी के दौरान छूट गया हो (1 मार्च से लेकर 30 सितम्बर के बीच ) और उसने 30 सितम्बर तक किसी भी ऐसे संस्थान में ज्वाइन न किया हो जो ईपीएफ में पंजीकृत हो। वो व्यक्ति भी इस योजना का लाभार्थी बन सकता है।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना से होने वाले लाभ क्या हैं ?

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना से होने वाले लाभ हम आगे लिख रहे हैं। जानने के लिए पढ़ते रहे।
इस योजना के अंतर्गत नए नए रोजगार अवसर खुलेंगे और बेरोजगारों को नौकरियां मिलेंगी।
इस से देश की अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी।
कोरोना महामारी के दौरान जिनकी नौकरी गयी थी उन सभी लोगों को फिर से रोजगार मिलेगा जिस से उनकी जीविका चल जाए
इस योजना के अंतर्गत रोजगार देने वाले संस्थान व कर्मचारियों , दोनों को ही लाभ प्राप्त होगा
ऐसे ही अन्य लाभ जानने के लिए हमारे आर्टिकल पढ़ें।

Aatmanirbhar Bharat Rozgar Yojana के अंतर्गत लाभ पाने हेतु पंजीकरण कैसे करें ?

अगर आप भी इस योजना के अंतर्गत लाभ पाने के इच्छुक हैं और सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं तो आप हमारे आर्टिकल को पढ़ सकतें हैं. हमने अपने आर्टिकल में पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बतायी है।

आत्मनिर्भर भारत लोन कैसे मिलेगा?

इस के लिए आप को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा और उसके बाद आप पीएम आवास योजना के तहत सीएलएसएस में आवेदन सकते है।

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