अनौपचारिक पत्र – Informal Letter Format – How to Write, Parts, Sample Informal Letters

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Informal Letter: आज इस लेख में हम आप को बताएंगे कि Informal Letter कैसे लिखते हैं ? इनफॉर्मल लेटर को ही हिंदी में अनौपचारिक पत्र भी कहते हैं। स्कूल में आप को विभिन्न प्रकार के फॉर्मल और इनफॉर्मल लेटर (Aupcharik Patra) लिखाये गए होंगे। हालाँकि तब भी यदि आप में से कई लोगों को फॉर्मल और इनफॉर्मल लेटर्स लिखने में कोई दिक्कत या परेशानी हो तो आप इस लेख के माध्यम से समझ सकते हैं। उम्मीद है आप को इस लेख को पढ़ने के बाद इस प्रकार के पत्र लिखने में सुविधा हो जाएगी।

आज इस लेख में आप समझ सकेंगे कि एक अनौपचारिक पत्र क्या है? आप एक अनौपचारिक पत्र में किस बारे में लिख सकते हैं? अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें? आदि। साथ ही आप को अनौपचारिक पत्र (Aupcharik Patra) लिखने का सैंपल भी लेख में उपलब्ध कराया गया है।

यहाँ जानिए Informal Letter कैसे लिखते हैं ?
अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें

अनौपचारिक पत्र / Informal Letter क्या होता है ?

अनौपचारिक पत्र, वो पत्र होते पूरी तरह से व्यक्तिगत होते हैं। अनौपचारिक पत्र (Aupcharik Patra) हम उन लोगों या सगे – संबंधियों को लिखते हैं, जिनसे हमारा व्यक्तिगत संबंध होता है। जैसे कि= हमारे माता – पिता, भाई – बहन, दादाजी – दादी, चाचाजी – ताऊजी, हमारे मित्र आदि सभी करीबी व्यक्तियों को लिखे गए पत्र अनौपचारिक पत्रों में शामिल किये जाते हैं। इस प्रकार के पत्र में हम अपने दैनिक दिनचर्या से जुडी बातों तक का उल्लेख भी कर सकते हैं। इस तरह के पत्रों में इस्तेमाल होने वाली भाषा व्यक्तिगत होती है।

अनौपचारिक पत्रों की विशेषता उनमे इस्तेमाल होने वाले आत्मीय भाव और व्यक्तिगत बातों का उल्लेख होता है। और यही कारण होता है कि इन पत्रों की लम्बाई औपचारिक पत्रों के मुकाबले अधिक हो सकती है। साथ ही इसमें प्रयोग होने वाली भाषा भी इनफॉर्मल होती है और सहजता के साथ इसे लिखा जा सकता है।

अनौपचारिक पत्र किस बारे में लिखे जाते हैं ?

Informal letters हम अपने करीबी लोगों को लिखते हैं। जिसमें हम उन्हें अपनी जिंदगी में जो कुछ भी चल रहा है उस संबंध में बताते हैं। साथ ही हम इसे कई अवसरों या विशेष उद्देश्यों के साथ भी इन पत्रों को लिख सकते हैं। आइये जानते हैं हम किन किन बारे में लिख सकते हैं। और ये कितने प्रकार के हो सकते हैं ?

  1. अनुमति पत्र
  2. सूचना/वर्णन संबंधी पत्र
  3. निमंत्रण पत्र
  4. शुभकामना पत्र
  5. निवेदन पत्र
  6. संवेदना/सहानुभूति/सांत्वना पत्र
  7. क्षमायाचना एवं आश्वासन संबंधी पत्र
  8. नाराजगी/खेद पत्र
  9. आभार-प्रदर्शन पत्र
  10. बधाई पत्र
  11. सुझाव/सलाह पत्र

Informal Letter Format (Aupcharik Patra)

आप कभी जब Informal Letter लिखते हैं तो आपको बहुत सिंपल सा फॉर्मेट फॉलो करना होता है। जिसे आप नीचे दिए गए पॉइंट्स के माध्यम से समझ सकते हैं –

  1. पता /Address : आप को सबसे पहले बांयी ओर पता लिखना होता है।
  2. तिथि : पत्र लिखने की तिथि लिखनी होती है।
  3. सम्बोधन : जिस व्यक्ति को आप पत्र भेज रहे हैं , उनसे अपने रिश्ते/ संबंध के अनुसार आप सम्बोधन लिखेंगे। (अपने से बड़ों के लिए – पूज्य, पूजनीय, आदरणीय आदि और जो आप से छोटे हों उन्हें आप प्रिय और स्नेही आदि शब्दों से सम्बोधित कर सकते हैं। )
  4. अभिवादन : इसके बाद आप अभिवादन करेंगे। अपने से बड़ों को – जैसे कि सादर प्रणाम, चरण स्पर्श, नमस्ते, नमस्कार आदि अपने से छोटों को स्नेहाशीष, मधुर प्यार आदि।
  5. मुख्य विषय (प्रमुख): यहाँ आप को हालचाल लेते हुए और अपने हालचाल बताते हुए अपनी बात कहना शुरू करना होगा।
  6. निष्कर्ष : अब आप को यहाँ निष्कर्ष लिखना होगा। साथ में ये बताना होगा आप उनके पत्र / जावक की प्रतीक्षा करेंगे।
  7. हस्ताक्षर / समाप्ति : स्नेहपूर्वक, आपका प्यार से, आपका प्यारा दोस्त, प्यार से, आदि लिखने के बाद अपना नाम लिखें।

अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें ?

अभी तक आप ने जाना कि आप को अनौपचारिक पत्र लिखते वक्त कौन सा फॉर्मेट रखना है। अब आप इसी आधार पर आगे दिए जा रहे अनौपचारिक पत्र के कुछ नमूने / सैंपल देखिये। जिससे आप अच्छी तरह से इसके फॉर्मेट को समझ सकते हैं।

अपने पैतृक निवास के बारे में बताने के लिए भाई को पत्र

34, पार्क एवेन्यू
मुंबई – 400023
15 नवम्बर 2022
आदरणीय बड़े भाई,

सादर प्रणाम ! कैसे हैं आप ? उम्मीद करता हूँ आप ठीक होंगे और घर में भी सभी ठीक होंगे। रही मेरी बात तो मैं भी ठीक हूँ। आज बहुत समय बाद ये पत्र लिखना हो रहा है, इसके लिए आप से क्षमाप्रार्थी हूँ। मैं जल्द ही आप से आकर से आकर मिलूंगा। लेकिन मुझे लगता है कि इस महीने आप से आकर मिलना संभव नहीं होगा। इसलिए मैं ये पत्र लिख रहा हूँ। दरअसल मैं आप को हमारे पुश्तैनी घर के संबंध में बताना चाहता हूँ।

मुझे अभी जानकारी मिली है कि हमारा पुश्तैनी घर, जहाँ हमने अपना बचपन गुज़ारा है, अब वो जीर्ण – शीर्ण स्थिति में पहुँच चुका है। यही नहीं अब जल्दी ही इस घर को मरम्मत की आवश्यकता है। यदि हमने जल्द से जल्द ऐसा नहीं किया तो निगम के अधिकारियों द्वारा इस घर को गिराने की बात हो रही है। यदि ऐसा हुआ तो हमारी उस घर से जुडी सभी यादें नष्ट हो जाएंगी। ये सोच सोच कर ही मुझे बहुत बुरा लग रहा है। मैं आप को इस खत के साथ ही पड़ोस वाले चाचा जी द्वारा भेजी गयी पुश्तैनी घर की तस्वीर भेज रहा हूँ। आप इसमें देख पाएंगे कि हमारे घर की कितनी जर्जर हालत हो गयी है।

मुझे लगता है कि अब हमे मिलकर थोड़ा समय निकालना होगा और अपने पुश्तैनी घर जाकर उसकी मरम्मत करवानी होगी। अब क्यूंकि मेरी पढाई भी लगभग पूरी हो चुकी है तो मैं समय समय पर वहां जा सकता हूँ। जिससे हमारा घर आगे के लिए भी सही सलामत रह सके। साथ ही माँ और पिताजी को भी घर की मरम्मत के बाद वहाँ अब कोई समस्या नहीं होगी। इसलिए वे जब चाहें वहां आ सकेंगे और आराम से रह सकेंगे। इसलिए इस बारे में विचार करके आप मुझे सूचित कर सकते हैं।

आप के उत्तर की प्रतीक्षा में।

आप का अनुज,
वैभव

शामिल होने में असमर्थता पर खेद व्यक्त करना

144, स्टार्क लेन
मुंबई – 400054
15 नवम्बर 2022

प्यारी रिया,

मैं यहाँ कुशल से हूँ, आशा करती हूँ तुम भी वहां अच्छी होगी। मुझे ये जानकर बहुत ख़ुशी हुई की तुम ने बाकी स्कूल के दोस्तों के साथ मिलकर हम सभी के लिए एक गेटुगेदर (मिलन समारोह) आयोजन करने का प्लान बनाया है। ये बहुत ही विचारशील था। हालांकि मुझे खेद है कि मैं तुम सब के साथ इस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊँगी। दरअसल उसी दिन मेरी नयी नौकरी के लिए इंटरव्यू निर्धारित है और मेरे लिए वहां उपस्थित होना बहुत आवश्यक है। ये काफी बड़ी कंपनी है। जहाँ नौकरी मिलना काफी सम्मान की बात है। उम्मीद है तुम मेरी मजबूरी को समझोगी। यदि संभव हो तो मिलन समारोह को हम इस दिन के अतिरिक्त किसी भी अन्य दिन पर रख सकते हैं। मैं निश्चित रूप से वहां उपस्थित हो सकती हूँ।

मुझे आशा है कि इस बारे में तुम हमारे अन्य सभी मित्रों की सहमति प्राप्त कर सकती हो। यदि वे मान जाते हैं तो मुझे इस बारे में जल्द से जल्द सूचित करना। फिर हम निर्धारित दिन पर अवश्य ही मिल सकते हैं। और सभी प्लान किये गए कार्यक्रम को पूरा कर सकते हैं और साथ मिलकर काफी लम्बे समय के बाद खूब मज़े कर सकते हैं।

मुझे पूरी उम्मीद है कि तुम जल्द ही मुझे सभी की सहमति के साथ मिलन समारोह हेतु पुनर्निर्धारित तिथि के बारे में बता सकती हो। तुम्हारे जवाब के इंतज़ार में

तुम्हारी सखी,
अंकिता राठी

Informal Letter (Aupcharik Patra) से संबंधित प्रश्न उत्तर

अनौपचारिक पत्र क्या होता है?

अनौपचारिक पत्र, वो पत्र होते हैं जो उन लोगों को लिखे जाते हैं जिनसे हमारा व्यक्तिगत या निजी संबंध होता है। जैसे की हमारे मित्र, माता-पिता, भाई- बहन और अन्य निकटतम संबंधियों आदि को लिखे जाने वाले पत्र अनौपचारिकपत्रों की श्रेणी में आते है।अनौपचारिक पत्रों की पहचान होती है कि उसमें आत्मीयता का भाव देखा जा सकता है। साथ ही लेखक पत्र में व्यक्तिगत बातों का भी उल्लेख कर सकता है।

Informal Letter कैसे लिखते हैं हिंदी में?

यदि आप को अनौपचारिक पत्र लिखना हो तो आप आसानी से इसे लिख सकते हैं। आप को अनौपचारिक पत्र में अपनी भावनाओं और व्यक्तिगत बातों को भी साझा करने की सुविधा होती है। इस में यूँ तो आप कैसे भी अपनी बात को रख सकते हैं लेकिन फिर भी इसका एक सिंपल सा फॉर्मेट है, जिसे आप फॉलो करके एक अनौपचारिक पत्र सहजता के साथ लिख सकते हैं। फॉर्मेट समझने के लिए आप लेख को पढ़ सकते हैं।

औपचारिक और अनौपचारिक भाषा में अंतर क्या होता है ?

Informal Letter और Formal Letter में सबसे बड़ा अंतर ये होता है कि औपचारिक भाषा अनौपचारिक भाषा से कम वैयक्तिक होती है। स्नातक स्कूल असाइनमेंट जैसे पेशेवर या शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखते समय इसका उपयोग किया जाता है। औपचारिक भाषा बोलचाल, संकुचन या “मैं” या “हम” जैसे प्रथम-व्यक्ति सर्वनामों का उपयोग नहीं करती है। अनौपचारिक भाषा अधिक आकस्मिक और सहज होती है।

अनौपचारिक पत्र का उदाहरण कौन सा है?

Informal Letter यानी अनौपचारिक पत्र वो होते हैं जो मुख्य रूप से अपने सगे – संबंधियों और मित्रों को लिखे जाते हैं। जैसे यदि कोई माता – पिता द्वारा अपने बच्चों को लिखा गया पत्र अनौपचारिक पत्र कहलाता है। साथ ही जो पत्र हम अपने मित्रों और अन्य रिश्तेदारों को लिखते हैं वो भी अनौपचारिक पत्र की श्रेणी में आते हैं।

आज इस लेख में आप ने Informal Letter और उससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे जाना। उम्मीद है आप को ये जानकारी उपयोगी लगी होगी। ऐसे ही अन्य लेखों को पढ़ने के लिए आप हमारे वेबसाइट Hindi NVSHQ पर विजिट कर सकते हैं।

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