जयपुर के दर्शनीय स्थल: Jaipur Tourist Place to Visit in Hindi

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Reported by Dhruv Gotra

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आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जयपुर के दर्शनीय स्थल के बारे में जानकारी को साझा करने जा रहे है। यदि आप घूमने का शौक रखते है तो जयपुर सिटी घूमने के लिए एक बेहतर स्थल है। जयपुर राजस्थान की राजधानी है, यह सिटी संस्कृति विरासत एवं मोह लेने वाली इमारतों की भूमि है। यहाँ के महलों एवं वास्तुकला देख आप जीवन भर जयपुर शहर की यात्रा को नहीं भूल पाएंगे। राजस्थान के इस शहर को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर लोग देश विदेशों से घूमने आते है। तो आइये जानते है Jaipur Tourist Place To Visit in Hindi से जुड़ी जानकारी को विस्तार रूप से की आप जयपुर शहर में कौन-कौन से दर्शनीय स्थल की यात्रा कर सकते है। जयपुर शहर आप ऐरोप्लेन, ट्रेन एवं बाय रोड बस से सफर कर सकते है।

जयपुर के दर्शनीय स्थल | Jaipur Tourist Place To Visit In Hindi
जयपुर के दर्शनीय स्थल | Jaipur Tourist Place To Visit In Hindi

जयपुर के दर्शनीय स्थल

Jaipur Tourist Place– जयपुर शहर में कई सारे पर्यटन स्थल है जहाँ पर प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में लोग देश विदेशों से घूमने के लिए इस शहर में आते है। इस शहर में यह आकर्षक स्थल पर्यटकों को ना केवल आनंदित महसूस कराता है ,बल्कि एक अलग और खूबसूरत दुनिया का अभाव भी कराता है।

Jaipur City

जयपुर राजस्थान राज्य की राजधानी है। यह आमेर के शासक महाराज जय सिंह 2 ने 18 नवम्बर 1726 को इस शहर की स्थापना की थी। उन्होंने इस शहर का नाम अपने नाम से रखा था, जयुपर शहर को Pink City (गुलाबी शहर) के नाम से जाना जाता है। यदि आप पैलेस, महल एवं राजा महाराजाओं की जीवन शैली से जुड़ी बीते युग की कहानी पसंद है तो आपके लिए जयपुर शहर से बेहतर घूमने के लिए कोई शहर हो ही नहीं सकता है। जयपुर में कई सारे बड़े महल, किले ऐसे है जिनकी वास्तुकला आपको अचंभित कर सकती है। घूमने के पर्पस से यह शहर पर्यटकों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

Jaipur City के सभी राजा महाराजाओं वाले महल अब होटल में परिवर्तित हो चुके है। यदि आप राजा की तरह जीवन शैली को एक बार महसूस करना चाहते है तो इन होटलों में रखकर इसका आंनद ले सकते है। यहाँ आपको जीवन भर का एक अलग ही अनुभव महसूस होगा। जयपुर शहर में यात्रा करने के दौरान आपको जयपुर में रजवाड़ों की मेहमान नवाजी का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। यह शहर देश भर में भव्य महलों के लिए काफी प्रसिद्ध है। वेल्स के प्रिंस के स्वागत में इस शहर को 1876 में गुलाबी रंग से सजाया गया था। तभी से इस शहर को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। यह भारत देश का वह पहला शहर है जिसे योजनाबद्ध तरीके मानव द्वारा निर्मित किया गया है। यहाँ हर महल में उचित ढंग से वेंटिलेशन की सुविधा उपलब्ध की गयी है हर महल में कारीगरों की वास्तुकला देख आप अचंभित रह जायेंगे।

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जयपुर के दर्शनीय स्थल लिस्ट | Jaipur Tourist Place to Visit in Hindi

हमारे द्वारा यहाँ नीचे जयपुर शहर के सभी दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी दी गयी है। आप नीचे दी गयी जानकारी के अनुसार देख सकते है की राज्य में घूमने के लिए सबसे अच्छा स्थान कौन सा है, एवं उस स्थान की खासियत क्या है।

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सिटी पैलेस (City Palace)

सवाई जय सिंह जी के द्वारा इस पैलेस की स्थापना 1729 से 1732 AD के मध्य में की थी। यह जयपुर के सबसे फेमस पैलेस में से एक प्रमुख स्थल है। सिटी पैलेस में चंद्र महल, दीवान-ए-खास, प्रीतम निवास चौक, महारानी पैलेस, दीवान-ए-आम, गोविन्द देव जी मंदिर, भग्गी खाना, मुबारक महल आदि सम्मिलित है। चंद्र महल को म्यूजियम में परिवर्तित किया गया है, जहां हथकरघा उत्पाद और अन्य समान मौजूद है। यह सभी चीजे राज्य की संस्कृति विरासत का उल्लेख करती है। वास्तुकला को देख कर आप अभिमंत्रित हो जायेंगे, City Palace यात्रा भ्रमण के दौरान आप खुद को आनंदित महसूस करेंगे।

हवा महल (Hawa Mahal)

महाराजा सवाई प्रताप सिंह जी के द्वारा इस महल का निर्माण 1799 में करवाया गया। यह जयपुर का एक आकर्षक महल है, जिसमें हवा के आने जाने (Commuting) के लिए 953 खिड़कियाँ है। इन खिड़कियों की वजह से ही इसे हवा महल का नाम दिया गया है। इस इमारत में ऊपर जाने के लिए 5 मंजिला सीढ़ी का निर्माण नहीं किया गया है, इसमें ऊपर जाने के लिए ढलान की व्यवस्था से ऊपर जाया जा सकता है। पौराणिक जानकारी के अनुसार कहा गया है की इसे राजपूताना महिलाओं के लिए बनवाया गया था। वह इसलिए क्यों की उन्हें कोई ना देख सके और वह महल के अंदर से ही पुरे शहर के भीतर क्या चल रहा है वह सभी चीजों को हवा महल के भीतर से देख सकते थे। इस महल को लाल एवं गुलाबी पत्थरों से बनाया गया है। इस महल में पुरातात्विक संग्रहालय (archaeological museum) है। यदि आप जयपुर यात्रा के लिए जाते है तो इस महल में अवश्य विजिट करें।

जंतर मंतर वेधशाला (Jantar Mantar Observatory)

महाराजा जय सिंह जी के द्वारा इस वेधशाला का निर्माण किया गया, यह विश्व की सबसे बड़ी वेधशालाओं में से एक है। यहाँ खगोल विद्या वेधशाला में दुनिया के सबसे बड़ी धूप घड़ी (solarium) है। महाराजा जय सिंह द्वितीय को खगोल विद्या में अधिक रुचि होने के कारण उन्होंने इस वेधशाला का निर्माण किया है। इस वेधशाला में वास्तुकला, खगोल विज्ञान, दर्शन आदि सहित विभिन्न विषयों की जानकारी उपलब्ध है।

इस वेधशाला के निर्माण के समय में ज्यामितीय डीवाईस भी उपलब्ध था, इस डिवाइस के द्वारा समय का माप किया जाता था। Geometric Device के अनुसार Planetarium की स्थिति को चेक किया जाता था और सबसे बड़े स्टार की आसपास कक्षाओं का Observation किया करते थे। इन खगोलीय उपकरणों ने विश्व भर के खगोलविदों (astronomers) और architect को अपनी ओर काफी आकर्षित किया था।

अम्बर किला (Amber Fort)

यह किला आमेर में स्थित है जिसे आमेर किले के नाम से भी जाना जाता है। यह जयपुर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। राजा मान सिंह जी द्वारा सन 1592 में इस किले की स्थापना की गयी। बाद में इसे राजा जय सिंह प्रथम द्वारा आगे बढ़ाया गया था। Amber Fort निर्माण संगमरमर के पत्थर और लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। यह हिन्दू मुस्लिम वास्तुकला के एक मिश्रण का प्रदर्शन करता है। इसका मेन द्वारा पूरब की ओर है, इसके अतरिक्त इसके 3 द्वार और भी है। अमबर पैलेस में 4 आँगन है जहां दीवान-ए-आम भी है। इस पैलेस में पर्यटकों को हाथी की सवारी करने का अवसर मिलेगा यह सवारी पर्यटकों को किले के पुरे दर्शन करवाने में मदद करेगी। बिलकुल शाही अंदाज में आप हाथी की सवारी का लुफ्त उठा सकते है।

नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort) जयपुर के दर्शनीय स्थल

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नाहरगढ़ फोर्ट से पूरा जयपुर दिखाई देता है यह अरावली हिल में स्थित है पहले इसे सुदर्शन गढ़ के नाम से जाना जाता था, लेकिन कहा जाता है की यह किला तब बन रहा था जब राजा नाहर सिंह की आत्मा इसके भीतर मौजूद थी जो इसके कार्य निमार्ण को देख रही थी। इसी वजह से इसका नाम Nahargarh Fort रख दिया गया, वर्ष 1734 में इस किले को बनवाया गया फिर बाद में 1864 में इसे आगे बढ़ाया गया था। इस किले में फिल्मों के कुछ दृश्य की शूटिंग भी है है। जिसमें से प्रमुख फिल्म रंग दे बसंती और शुद्ध देशी रोमांस फिल्म है।

जयपुर जू (Jaipur Zoo)

वर्ष 1877 में जयपुर चिड़ियाघर का निर्माण हुआ था, यह चिड़ियाघर मुख्य रूप से 2 पार्ट्स में है, जहाँ पर एक पार्ट पक्षी की प्रजाति का एवं दूसरा पार्ट जानवरों का है। दुनिया भर के 50 से भी अधिक पशु पक्षियों की प्रजाति इस चिड़ियाघर में मौजूद है। इस चिड़ियाघर में 550 से अधिक जानवर रहते है, वर्ष 1999 में यहाँ पर घड़ियाल प्रजनन फार्म की स्थापना की गयी यह फार्म भारत का चौथा सबसे बड़ा फार्म है।

जयगढ़ किला (Jaigarh Fort)

जयगढ़ किला चील के टीले अरावली रेंज में स्थित है। इस किले से आमेर पैलेस भी दिखाई देता है, जय सिंह द्वितीय जी के द्वारा वर्ष 1726 में आमेर पैलेस की सिक्योरटी के लिए इसका निर्माण किया गया। इस किले को इन्ही का नाम दिया गया, इस किले का स्ट्रक्चर आमेर पैलेस जैसे ही है इसको विजय किले के नाम से जाना जाता है।

रामगढ़ लेक (Ramgarh Lake) जयपुर के दर्शनीय स्थल

यह एक मानव निर्मित लेक है जो जमवा रामगढ़ के निकट स्थित है। सन 1982 में एशियन गेम्स में नौकायन का इवेंट इसी लेक में हुआ था। जयपुर शहर से यह लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बरसात (rain) के समय यह झील पूरी तरह से पानी से भर जाता है। इस समय लोगो के यह पिकनिक स्पॉट के रूप में बन जाता है।

जयपुर के दर्शनीय स्थल से संबंधित प्रश्न उत्तर

Jaipur Tourist Place में पर्यटन किस प्रकार यात्रा कर सकते है ?

पर्यटन अपनी सुविधा के अनुसार Jaipur Tourist Place में सड़क मार्ग, रेल मार्ग, एवं वायु मार्ग से इस शहर में पहुंचकर यात्रा कर सकते है।

जयपुर शहर की खासियत क्या है जो पर्यटन यहाँ घूमने के लिए आते है?

जयपुर राजा महाराजों की भूमि है जो पौराणिक राजाओं की जीवन शैली का व्याख्या करती है इस शहर को पिंक सिटी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर राजाओं के महल एवं उनकी वास्तुकला के लिए काफी चर्चित शहर है।

जयपुर शहर की स्थापना कब और किसके द्वारा की गयी ?

राजा जय सिंह द्वितीय ने वर्ष 1727 में जयपुर शहर की स्थापना की। इन्हीं राजा के नाम से इस शहर का नाम जयपुर रखा गया।

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