कैलाश मानसरोवर यात्रा: सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग के बारे में जानें

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Reported by Saloni Uniyal

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भारत में कैलाश मानसरोवर यात्रा को एक पर्व के रूप मनाया जाता है जिसमें लोग बड़े उत्साह के साथ शामिल होते हैं और यात्रा तय करते हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा हिन्दुओं, बौद्ध एवं जैन धर्म के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। पौराणिक कथाओं में कैलाश पर्वत को शिव का निवास स्थान बताया गया है जो की ऊँचे-ऊँचे बर्फीले पहाड़ों एवं कई सुन्दर झीलों से घिरा हुआ है। जिस कारण यह धार्मिक मान्यताओं से प्रचलित है। लेकिन आपको बता दे सरकार द्वारा इस योजना में शामिल होने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए कुछ शर्तें भी बनाई गई है जिसके तहत ही वे यात्रा में जाने के लिए पात्र होंगे, आसान भाषा में कहें शारीरिक एवं चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही KMY में यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं क्योंकि यह पर्वत दुर्गम पहाड़ों एवं खतरनाक उबड़-खाबड़ रास्तों से घिरा हुआ है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा आधिकारिक वेबसाइट को शुरू किया गया जिसके तहत यात्री घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कैलाश मानसरोवर यात्रा: सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी बताने जा रहें हैं ताकि आप आसानी से इस जानकारी को प्राप्त करके यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए आप इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें एवं अन्य व्यक्तियों तक इस लेख को शेयर करें।

कैलाश मानसरोवर यात्रा

हर साल विदेश मंत्रालय द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा का जून से लेकर सितम्बर माह में अलग-अलग मार्गों में उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा तथा सिक्किम राज्य के नाथू ला दर्रा के माध्यम से आयोजित करती है। आपको बता दे यह यात्रा हमारे धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के लिए जानी जाती है। इस यात्रा में प्रत्येक वर्ष सैकड़ों लोग यात्रा करते हैं। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है जो कि हिन्दुओं के लिए एक विशेष महत्व रखता है साथ ही जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी महत्व रखती है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा: सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग के बारे में जानें
Kailash Manasarovar yatra

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Kailash Manasarovar yatra Yojana Highlights

योजनाकैलाश मानसरोवर यात्रा योजना
शुरू की गईभारत सरकार द्वारा
वर्ष2023
लाभार्थीदेश के नागरिक (यात्रा के लिए जिन राज्यों को चुना गया हो), तीर्थयात्री
लाभसरकार द्वारा नागरिकों को सब्सिडी प्रदान करना
उद्देश्यदेश के नागरिकों को कैलाश मानसरोवर यात्रा कराना
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
ऑफिसियल वेबसाइट http://kmy.gov.in
आवेदन करने की आयु18 वर्ष

Kailash Manasarovar yatra सब्सिडी

कैलास मानसरोवर के तहत सरकार द्वारा सब्सिडी योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा इसके लिए योजना के अंतर्गत चुने गए राज्य के स्थाई निवासियों को सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जाएगी। सरकार द्वारा देश के विभिन्न राज्यों को सब्सिडी देने के लिए अलग-अलग राशि को तय किया गया है। इस सब्सिडी राशि का लाभ आप एक बार ही प्राप्त कर सकते है। आपको बता दे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को 1 लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसका लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को ही दिया जाएगा।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग

यदि आप कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं दो आपको दो मार्गों से यात्रा करनी होती है।

  • लिपुलेख दर्रा मार्ग- लिपुलेख दर्रे का मार्ग उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले से होकर जाता है जो की खतरनाक रास्तों से होकर जाता है। यहाँ से कैलाश पर्वत का मनोरम दृश्य दिखाई देता है।
  • नाथू ला दर्रा मार्ग – सिक्किम राज्य से नाथू ला दर्रे का मार्ग निकलता है। दुर्गम रास्तों से गुजरकर यहाँ मानसरोवर झील की सुंदरता देखने का दृश्य ही अलग है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान घूमने के स्थान

वर्ष भर में देश के करीबन लाखों लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा करते हैं इस यात्रा को पूरा करने में आपको 25 दिन का समय तो लग ही जाता है। इस यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को कई धार्मिक स्थलों एवं मनोरम, आकर्षक एवं सुन्दर प्राकृतिक दृश्यों को देखने का अवसर मिलता है जिससे प्रत्येक तीर्थ यात्री को सुकून का अनुभव महसूस होता है। इसके साथ ही यात्री उस जगह की संस्कृति एवं सांसारिकता का अनुभव करते हैं।

लिपुलेख दर्रा – लिपुलेख दर्रा हिमालय का एक पहाड़ी दर्रा है जिसे लिपुलेख ला अथवा लिपुलेख भञ्ज्याङ के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत में उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में तथा तिबब्त के न्गारी विभाग के बीच हिमालय में स्थित है। यह दर्रा समुद्रतल से 5,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। प्राचीन काल में इस दर्रे द्वारा व्यापारियों एवं तीर्थयात्रियों द्वारा की जाती थी। भारत-चीन युद्ध के पश्चात वर्ष 1962 में लिपुलेख दर्रा भारत के कमान में आ गया।

मानसरोवर झील – मानसरोवर झील को हिन्दू एवं बौद्ध धर्म में पवित्र झील माना जाता है यह झील मानसरोवर तिब्बत में स्थित है। जो की दुनिया की सबसे ऊँची मीठे पानी की झील है। यह झील 14,950 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस झील को तिब्बती में माफम युत्सो भी कहा जाता है।

गोरी कुंड – गोरी कुंड को पार्वतीकुण्ड भी कहा जाता है जो कि उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। यह कुंड समुद्रतल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह कुंड हिन्दू धर्म का एक पवित्र तीर्थ स्थल है जिसे देवी पार्वती का निवास स्थल माना जाता है। कैलाश मानसरोवर यात्रा करने पर इस कुंड का मार्ग भी आता है। यहीं से केदारनाथ के लिए पैदल यात्रा का रास्ता भी शुरू होता है।

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राक्षस ताल – राक्षस ताल मानसरोवर एवं कैलाश पर्वत के पास पश्चिम दिशा में स्थित है जो कि तिब्बत में स्थित एक झील है। राक्षसताल के उत्तरी चोर से सतलज नदी भी शुरू होती है। राक्षसताल हिन्दुओं एवं बौद्ध धर्म के लोग के लिए पवित्र अथवा पूजनीय नहीं माना जाता बल्कि इस ताल के पास कैलाश एवं मानसरोवर स्थित है।

नंदी पर्वत – कैलाश मानसरोवर यात्रा में नदी पर्वत को सबसे मुख्य पर्वत माना गया है यह पर्वत उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। नदी पर्वत समुद्रतल से करीबन 5,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह नाम भगवान शिव के वहान नंदी के नाम पर पड़ा है। अर्थात इस स्थान को नंदी का निवास स्थान कहा जाता है जो की कैलाश पर्वत के नजदीक ही स्थित है।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा खर्चा

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 2 मार्ग बताए गए हैं जिसके यात्रियों की कितनी संख्या होगी, यात्रा की अवधि एवं प्रति व्यक्ति यात्रा का खर्चा नीचे टेबल में बताया गया है आप देख सकते हैं।

विवरणलिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड)नाथूला दर्रा (सिक्किम)
बैंचो की संख्याप्रत्येक 60 तीर्थयात्रियों के 18 जत्थेप्रत्येक 50 तीर्थयात्रियों के 10 जत्थे
खर्चा (प्रति व्यक्ति)1.8 लाख रूपए2.5 लाख रूपए
यात्रा समय24 दिन21 दिन

कैलाश मानसरोवर यात्रा की मुख्य बाते

यदि आप भी कैलाश मानसरोवर यात्रा करना चाहते हैं तो आपको नीचे बताई गई मुख्य बातों को ध्यान से पढ़ लेना है।

  • जिस भी राज्य में यह योजना लागू की गई होगी उसी राज्य के व्यक्ति के इस योजना में आवेदन कर सकते हैं।
  • उम्मीदवारों के पास उनके राज्य के मूल निवास सर्टिफिकेट होने आवश्यक है।
  • आवेदक इस योजना के तहत ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों प्रक्रियाओं में किसी भी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • एक व्यक्ति को इस योजना का लाभ सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा।
  • सरकार द्वारा अलग-अलग राज्यों के लिए सब्सिडी अलग-अलग तय की गई है।
  • यात्री का यात्रा में जाने से पहले स्वस्थ होना आवश्यक है इसके ही वह यात्रा में जा सकते हैं।
  • आपात कालीन स्थिति उत्पन्न होने में तीर्थ यात्रियों को सुविधा से बाहर निकालने की व्यवस्था की गई है।
आवेदन हेतु आवश्यक पात्रता

सरकार द्वारा इस योजना में रजिस्ट्रेशन करने के लिए कुछ पात्रताएं निर्धारित की गई है जो की आपके पास होनी आवश्यक है जिसके पश्चात आप योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होते हैं।

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपके पास अपने राज्य का निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
  • योजना में रजिस्ट्रेशन करने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • सरकार तय किए गए राज्य के मूल निवासी ही इस सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • जो राज्य योजना के तहत शामिल नहीं हैं उनके राज्यों के कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को सब्सिडी नहीं दी जाएगी
  • आवेदक का शारीरिक रूप से फिर एवं मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है।
  • योजना के तहत विदेश नागरिक यात्रा में आवेदन करने हेतु पात्र नहीं हैं।
  • उम्मीदवार उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा एवं ह्रदय रोग से सम्बंधित बीमार नहीं होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज

कैलाश मानसरोवर यात्रा में आवेदन करने के लिए आपके पास नीचे बताए गए आवश्यक दस्तावेज होने जरूरी है जिसके पश्चात ही आप योजना में आवेदन कर सकते हैं।

  • आवेदक के पास भारतीय नागरिकता का पासपोर्ट होना आवश्यक है।
  • आवेदक के पासपोर्ट के पहले एवं लास्ट के पेज की फोटो कॉपी
  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • यात्रा को उम्मीदवार अपने जोखिम पर करते हैं इस तरह का एक 10 रुपए का स्टेम पेपर जिसमें आपने हस्ताक्षर करने है जो कि सीनियर मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित किया गया हो।

कैलाश मानसरोवर यात्रा में आवेदन कैसे करें?

कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना में पंजीकरण करने के लिए आपको नीचे बताए तरीकों को ध्यान से देखना है। कैलाश मानसरोवर यात्रा में आवेदन करने की प्रक्रिया निम्न है-

  • आवेदक को सबसे पहले यात्रा करने के लिए इस दिए गए लिंक http://kmy.gov.in पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के पश्चात आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुलकर आएगा।
  • यहां पर आपको यात्रा के लिए आवेदन करें का एक लिंक दिखाई देगा उस पर क्लिक कर दें।
  • जो नए उपयोगकर्ता हैं उनको सर्वप्रथम नए उपयोकर्ता? रजिस्टर टैब करना है फिर उसके पश्चात लॉगिन करना है।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आ जाएगा।
  • इस फॉर्म में आपसे कुछ जानकारी पूछी गई है जैसे- अपना नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, पासवर्ड एवं ईमेल आईडी आदि जानकारी को आपको ध्यान से भरना है।
  • अब आपको नीचे दिए हुए submit के बटन पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के पश्चात आपकी स्क्रीन पर मौजूदा उपयोगकर्ता? लॉगिन का लिंक दिखाई देगा।
  • इसमें आपको लॉगिन करना है उसके आड़ आप कैलाश मानसरोवर यात्रा ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
  • फॉर्म में मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज एवं सम्पूर्ण जानकारी को भर दें और जमा कर दें।
  • इस प्रकार आप कैलाश मानसरोवर यात्रा में पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से पूर्ण कर सकते हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े प्रश्न/उत्तर

क्या कैलाश मानसरोवर यात्रा में तीर्थ यात्रियों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है?

जी हाँ, कैलाश मानसरोवर यात्रा में तीर्थयात्रियों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

Kailash Manasarovar yatra Yojana के तहत लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) की यात्रा करने में कितना खर्चा आता है?

Kailash Manasarovar yatra Yojana के तहत लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) की यात्रा करने में एक व्यक्ति को 1.8 लाख रुपए तक का खर्चा आता है। इस यात्रा में करीबन 25 दिन का समय लगता है।

Kailash Manasarovar yatra Yojana में रजिस्ट्रेशन करने की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

इस यात्रा में रजिस्ट्रेशन करने की आधिकारिक वेबसाइट ये http://kmy.gov.in है, इस वेबसाइट पर विजिट करते आप आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऊपर आर्टिकल में प्रदान की गई है।

Kailash Manasarovar yatra Yojana में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु कितनी होनी चाहिए?

यात्रा में आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा उम्मीदवार की आयु निर्धारित की गई है। यात्रा में 18 साल से लेकर 70 साल के व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।

लिपुलेख दर्रा कहाँ स्थित है?

यह दर्रा उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले एवं चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत के बीच स्थित है।

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