विशेषण – परिभाषा, भेद और उदाहरण, Visheshan in Hindi

मित्रों नमस्कार, मित्रों आज के आर्टिकल में हम आपको हिंदीं भाषा में उपयोग होने वाले विशेषण या Adjectives की जानकारी प्रदान करेंगे। दोस्तों यदि हम बात करें हिंदी भाषा की तो हिंदी व्याकरण में विशेषण का अपना ही महत्व है। यहां हम आपको बताते चलें की विशेषण का Meaning होता है विशेषता (Specialty) दोस्तों आगे ... Read more

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Reported by Rohit Kumar

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मित्रों नमस्कार, मित्रों आज के आर्टिकल में हम आपको हिंदीं भाषा में उपयोग होने वाले विशेषण या Adjectives की जानकारी प्रदान करेंगे। दोस्तों यदि हम बात करें हिंदी भाषा की तो हिंदी व्याकरण में विशेषण का अपना ही महत्व है। यहां हम आपको बताते चलें की विशेषण का Meaning होता है विशेषता (Specialty) दोस्तों आगे हमारे इस आर्टिकल में आप जानेंगे की विशेषण क्या होता है? हिंदी में विशेषण के कितने प्रकार हैं आदि।

दोस्तों हो सकता है की आप में से बहुत सारे पाठकों को इसके बारे में पता हो लेकिन हमारे कई पाठक दोस्त ऐसे भी हो सकते हैं जिनकों Adjectives के बारे में जानकारी ना हो उन सभी लोगों के लिए यह आर्टिकल जानकारी से भरा और लाभप्रद हो सकता है। जैसा की आप जानते ही होंगे हम अपने दिनचर्य जीवन में कई बार कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो किसी की विशेषता और कमियां बताते हैं उदाहरण के तौर पर हम देखें की जैसे :- वह लड़का बहुत सुन्दर है , रमेश कक्षा में सबसे लंबा लड़का है।

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आदि तो इन उदाहरणों की बात करें तो इन वाक्यों उपयोग हुए सुन्दर और लंबा शब्द को विशेषण कहा जायेगा। उपरोक्त उदाहरण में यदि हम बात करें पहले वाक्य की तो सुन्दर शब्द लड़के की रूप रंग की विशेषता बता रहा है यहाँ पर लड़का संज्ञा है और सुन्दर विशेषता। इसी तरह दूसरे वाक्य में देखें तो रमेश संज्ञा है और लम्बा शब्द विशेषता जो की रमेश की ऊंचाई की जानकारी के साथ रमेश की विशेषता को बता रहा है। तो आइये जानते हैं क्या है विशेषण की परिभाषा , Types of Adjectives आदि के बारे में। आपसे अनुरोध है की इन सभी जानकारियों के लिए आर्टिकल को एक बार ध्यान से अंत तक जरूर पढ़ें।

यह भी जानिए :- निश्चयवाचक सर्वनाम – Nishchay Vachak Saravanam

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क्या है विशेषण की परिभाषा ?

विशेषण (हिंदी व्याकरण के अनुसार):- जैसा की हम आपको पहले ही बता चुके हैं की विशेषण का शाब्दिक अर्थ होता है विशेषता या विशेषक। जो शब्द हिंदी भाषा में लिखे,पढ़े और बोले जाने वाले वाक्य में किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। उन शब्दों को विशेषण कहा जाता है। वाक्य में उपयोग संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता उसके गुण,रुप,रंग, प्रकार आदि से संबंधित हो सकती है। नीचे हमने कुछ उदाहरणों से आपको विशेषण के बारे में बताने का प्रयास किया है।

उदाहरण :-

  1. तोता हरे रंग का होता है।
  2. सीमा एक खूबसूरत लड़की है।
  3. भैंस काली होती है।
  4. टोकरी में रखे सेब कितने मीठे हैं।
  5. सचिन एक अच्छा लड़का है।

उपरोक्त उदाहरणों में उपयोग हुए शब्द “हरे, खूबसूरत, काली, मीठे, अच्छा “ आदि ये सभी विशेषण हैं जो वाक्य के अंतर्गत किसी न किसी की विशेषता बता रहे हैं।

हिंदी व्याकरण में विशेषण की उपयोगिता :-

  • वाक्य में विशेषण का उपयोग संज्ञा या सर्वनाम की गुण , धर्म और रूप को बताने के लिए किया जाता है।
  • हिंदी भाषा में विशेषण को संज्ञा का आभूषण भी कहा जाता है।
  • विशेषण किसी भी वाक्य को प्रभावशाली और सजीव बनाता है।

विशेष्य क्या होता है ?

विशेष्य :- विशेष्य वह शब्द हैं जब कोई विशेषण किसी संज्ञा / सर्वनाम की विशेषता बताता है तो वह संज्ञा / सर्वनाम को विशेष्य कहा जाता है। विशेष्य शब्दों का उपयोग वाक्य में विशेषण के पूर्व या बाद दोनों स्थानों पर किया जा सकता है।

उदाहरण :- सुरेश एक लंबा लड़का है।

उपरोक्त वाक्य में “लंबा” शब्द विशेषण और “सुरेश” को विशेष्य कहा जाएगा। क्योंकि सुरेश संज्ञा को और लंबा विशेषण को प्रकट करता है।

विशेषण के प्रकार :-

दोस्तों हम आपको बता दें की विशेषण मुख्यतः पांच प्रकार के होते हैं जिनके बारे में आपको नीचे बताया गया है –

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1:- गुणवाचक विशेषण:- गुणवाचक विशेषण उनकों कहा जाता है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण और रूप की विशेषता के बारे में बताता है। गुणवाचक विशेषण को अंग्रेजी में “Qualitative Adjective” कहा जाता है।

उदाहरण :-

  • यह एक ताजा फल है।

उपरोक्त वाक्य में ताजा शब्द एक गुणवाचक विशेषण है जो फल की विशेषता को बता रहा है।

गुणवाचक विशेषण के विभिन्न रूप संबंधी उदहारण आपको हमने नीचे बताये हैं –

  1. स्थान संबंधी :- बाहर, भीतर, नीचे, सीधा, ऊँचा, लम्बा, चौड़ा आदि।
  2. आकार संबंधी :- सुन्दर, गोल, चौकोर, सुडौल आदि।
  3. दशा संबंधी :- मोटा, भारी, हल्का, दुबला, पतला, गाढ़ा, गीला आदि।
  4. वर्ण संबंधी :- काला, सफ़ेद, हरा, नीला, लाल, पीला आदि।
  5. गुण संबंधी :- अच्छा, बुरा, अनुचित, उचित, झूठा, सच्चा आदि।
  6. संज्ञा संबंधी :- लखनवी, बनारसी, इलाहाबादी, फर्रुखाबादी आदि।
  7. समय संबंधी :- वर्तमान, भूत, पिछला, अगला, पुराना, ताजा आदि।

2:- परिणाम वाचक विशेषण :- यहां पर परिणाम का अर्थ मात्रा से है। वह शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या परिणाम की विशेषता को बताते हैं उन्हें परिणाम वाचक विशेषण कहा जाता है। अंग्रेजी में परिणाम वाचक विशेषण को “Quantitative Adjective” कहा जाता है।

उदाहरण :-

  • थोड़ा पानी।
  • पांच लीटर दूध।

उपरोक्त वाक्य में थोड़ा , पांच लीटर परिणाम वाचक विशेषण हैं जो वाक्य में संज्ञा / सर्वनाम की मात्रा को प्रकट कर रहे हैं।

परिणाम वाचक विशेषण के दो प्रकार होते हैं जो इस प्रकार निम्नलिखित हैं –

  • निश्चित परिणाम वाचक विशेषण :- वाक्य में जहाँ पर भी वस्तु की एक निश्चित मात्रा के बारे में बताया जाता है उसे निश्चित परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- दस किलो गेहूं, पांच किलो चावल, 4 लीटर घी, पांच बीघा जमीन आदि।

  • अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण :- वाक्य में जहाँ पर भी वस्तु की एक निश्चित मात्रा के बारे में कुछ भी निश्चित नहीं है उसे अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण :- थोड़ा पानी देना, बहुत मिठाई खा ली, चाय में थोड़ी कम चीनी डालना आदि।

3:- संख्या वाचक विशेषण :- जहाँ पर वाक्य में वस्तु या संज्ञा की संख्या का ज्ञान हो रहा हो। ऐसे विशेषण को संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है। अंग्रेजी में संख्या वाचक विशेषण को “Adjectives of Number” कहा जाता है।

उदाहरण :- पांच विद्यार्थी कक्षा में है, सात बकरियां घास चर रही हैं आदि।

संख्या वाचक विशेषण के दो प्रकार के होते हैं –

  • निश्चित संख्या वाचक विशेषण :- इस विशेषण के अंतर्गत संज्ञा या वस्तु की एक निश्चित संख्या का ज्ञान प्रकट होता है।

उदाहरण:- कक्षा में पचास छात्र हैं , बस में पांच लड़कियाँ बैठी हैं।, कमरे में दो पंखें हैं। आदि

निश्चित संख्या वाचक विशेषण के विशेषतः छः प्रकार होते हैं जिसके बारे में हमने आपको नीचे बताया है –

  1. क्रम वाचक बोधक :- ग्यारहंवा, पचासवां, चौथा, तिगुना आदि।
  2. समूह वाचक बोधक :- पांचों , दसों, आठों, चारों आदि।
  3. प्रत्येक बोधक :- हर एक, प्रति, एक – एक, आदि।
  4. अपूर्णांक बोधक :- डेढ़, ढाई, सवा आदि।
  5. आवृति वाचक :- तीनगुना, दो गुना, चार गुना आदि।
  6. पूर्णांक बोधक :- सौ, हजार, एक लाख, बीस करोड़ आदि।
  • अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण :- इस विशेषण के अंतर्गत जब संज्ञा या वस्तु की एक निश्चित संख्या का ज्ञान प्रकट ना होता हो। ऐसे विशेषण को अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण कहा जाता है।

4 :- सार्वनामिक या संकेत वाचक विशेषण :- वह विशेषण जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता की ओर संकेत करते हैं उन्हें सार्वनामिक या संकेत वाचक विशेषण कहा जाता है। सार्वनामिक या संकेत वाचक विशेषण को अंग्रेजी में Demonstrative adjective कहा जाता है।

उदाहरण :- वह लड़का , वह आदमी , यह पुस्तक आदि।

5 :- व्यक्ति वाचक विशेषण :- वह विशेषण जो किसी संज्ञा में व्यक्ति की विशेषता को बताते हैं उन्हें व्यक्ति वाचक विशेषण कहा जाता है। व्यक्ति वाचक विशेषण को अंग्रेजी में Proper Adjective कहा जाता है।

उदाहरण :- राम जोधपुरी जुते पहनता है, दिनेश कल वहां गया था आदि।

विशेषण से संबंधित FAQs :-

Adjective क्या होते हैं ?

एडजेक्टिव या विशेषण वह शब्द हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।

हिंदी में विशेषण के कितने प्रकार होते हैं ?

विशेषण के पांच प्रकार होते हैं। उपरोक्त आर्टिकल में हमने आपको इन सभी के बारे में बताया है आप पढ़ सकते हैं।

वाक्य में विशेषण को कैसे पहचाने ?

वाक्य में विशेषण को पहचाने का आसान तरीका यह है की आप वाक्य में ऐसे शब्द को देखें को किसी की विशेषता को बता रहा हो।
उदाहरण के लिए :- सेब कितना मीठा है।
इस वाक्य में मीठा शब्द सेब की विशेषता को बता रहा है तो इस वाक्य में मीठा विशेषण कहा जायेगा।

विशेषण शब्द क्या – क्या होते हैं ?

बड़ा, काला, लंबा, दयालु, भारी, सुन्दर, कायर, टेढ़ा-मेढ़ा, दुबला, पतला, मोटा, छोटा आदि।

संख्या वाचक विशेषण के कितने प्रकार होते हैं ?

संख्या वाचक विशेषण के दो प्रकार होते हैं –
1: – निश्चित संख्या वाचक विशेषण
2: – अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण

गुणवाचक विशेषण शब्द कौन – कौन से ?

गुणवाचक विशेषण गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्था, स्थिति, स्वभाव, दशा, दिशा, स्पर्श, गंध आदि का बोध कराते हैं
उदाहरण के लिये :- मोटा, भारी, हल्का, दुबला, पतला, गाढ़ा, गीला, बाहर, भीतर, नीचे, सीधा, ऊँचा,आदि।

यह भी देखें
संधि की परिभाषा और भेद
विशेषण किसे कहते हैं
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विराम चिन्ह : भेद (12), प्रयोग और नियम
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तत्पुरुष समास: परिभाषा, भेद और उदाहरण
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